
उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी योजना’ ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल बनकर सामने आई है। हाल ही में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य की 2.5 लाख से अधिक महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से ज्यादा हो चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन ‘सशक्त महिला, सशक्त प्रदेश’ के तहत शुरू की गई इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
स्वयं सहायता समूहों से मिली मजबूती
योजना की सफलता में स्वयं सहायता समूहों की बड़ी भूमिका रही है। ग्रामीण महिलाओं को पारंपरिक खेती के साथ-साथ मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, हस्तशिल्प, डेयरी और स्थानीय उत्पादों के व्यवसाय के लिए प्रशिक्षण दिया गया। सरकार ने आसान ऋण, बाजार से जुड़ाव और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए, जिससे महिलाएं छोटे स्तर से शुरू कर अपनी आमदनी लगातार बढ़ा सकीं।
डिजिटल माध्यमों से मिला बाजार
‘लखपति दीदी योजना’ के तहत महिलाओं को डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग से भी जोड़ा गया। इससे महिलाएं अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचा पा रही हैं। पहाड़ी दालें, मसाले, हस्तशिल्प और पारंपरिक ऐंपण कला जैसे स्थानीय उत्पादों की मांग अब राज्य के बाहर भी बढ़ने लगी है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला संबल
महिलाओं की आय में वृद्धि से ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है। बढ़ी हुई क्रय शक्ति के चलते स्थानीय बाजारों में गतिविधियां तेज हुई हैं, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।
मुख्यमंत्री का बयान: लक्ष्य से आगे निकला उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2025 तक सवा लाख महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन योजना को मिल रही सफलता और महिलाओं के उत्साह के चलते यह लक्ष्य समय से पहले ही पार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं अब केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक रूप से परिवार और समाज को मजबूत कर रही हैं।
‘हाउस ऑफ हिमालय’ से अंतरराष्ट्रीय पहचान की तैयारी
सरकार अब ‘लखपति दीदी योजना’ से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को ‘हाउस ऑफ हिमालय’ ब्रांड के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इससे आने वाले समय में महिलाओं की आय और रोजगार के अवसरों में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।













