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Thursday, January 22, 2026
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इजरायल-हमास शांति योजना पर हस्ताक्षर, ट्रंप की मध्यस्थता से गाजा में शांति की उम्मीद

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि इजरायल और हमास दोनों ने उनकी गाजा शांति योजना के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत जल्द ही सभी बंधकों की रिहाई होगी और इजरायल अपनी सेना को सहमत सीमा तक वापस बुलाएगा।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, “मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि इजरायल और हमास दोनों ने हमारी शांति योजना के पहले चरण पर सहमति जताई है। इसका मतलब है कि सभी बंधक जल्द ही रिहा होंगे, और इजरायल अपने सैनिकों को एक निश्चित सीमा तक पीछे हटाएगा। यह एक मजबूत, स्थायी और शाश्वत शांति की दिशा में पहला कदम है। सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाएगा। यह अरब और मुस्लिम जगत, इजरायल, आसपास के देशों और संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक महान दिन है। हम कतर, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थों का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने इस अभूतपूर्व घटना को संभव बनाया।”

मंगलवार को मिस्र के शर्म अल शेख शहर में हुई वार्ता में इजरायल और हमास के प्रतिनिधियों ने ट्रंप की शांति योजना पर चर्चा की। कई घंटों की बातचीत के बाद, दोनों पक्षों ने पहले चरण की प्रमुख शर्तों पर सहमति जताई, जिनमें बंधकों की रिहाई और युद्धविराम शामिल हैं।

ट्रंप की शांति योजना के प्रमुख बिंदु

इस योजना के अनुसार —

  • हमास को निरस्त्रीकरण (disarmament) करना होगा।
  • इसके बाद इजरायल गाजा से अपनी सेना वापस बुलाएगा।
  • गाजा क्षेत्र की सुरक्षा और प्रशासन की देखरेख के लिए एक अंतरराष्ट्रीय बल गठित किया जाएगा।
  • यह शासन अंतरराष्ट्रीय निगरानी में रहेगा, जिसकी देखरेख ट्रंप और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर करेंगे।

हालांकि, योजना में कई अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, विशेष रूप से हमास के निरस्त्रीकरण को लेकर। अब तक हमास की ओर से इस शर्त पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने दक्षिणी इजरायल पर हमला किया था, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों का अपहरण कर लिया गया था। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पर बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस हमले को मानवाधिकार उल्लंघन और नरसंहार के समान बताया है, हालांकि इजरायल ने इन आरोपों से इनकार किया है।

ट्रंप की इस नई शांति पहल को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में सावधानीपूर्ण आशा देखी जा रही है। यह देखना अब बाकी है कि क्या यह योजना वाकई गाजा में लंबे समय से जारी हिंसा को समाप्त कर स्थायी शांति की ओर ले जा सकेगी।