
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एशिया के एक और हिस्से से बड़ी खबर सामने आई है। इंडोनेशिया के पास मोलुक्का सागर में गुरुवार सुबह तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी होने से हालात और गंभीर हो गए हैं।
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई। इसका केंद्र उत्तरी मोलुक्का सागर में, टर्नेट शहर से करीब 120 किलोमीटर दूर था। भूकंप जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की कम गहराई पर आया, जिससे सुनामी का खतरा बढ़ गया है।
अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि भूकंप के केंद्र से लगभग 1000 किलोमीटर के दायरे में स्थित देशों के तटीय इलाकों पर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इनमें फिलीपींस और मलेशिया भी शामिल हैं। इन देशों के लोगों में डर का माहौल है और प्रशासन ने सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
भूकंप के बाद फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जानमाल के हानि की खबर नहीं है, लेकिन खतरे को देखते हुए लोगों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समुद्र का पानी अचानक पीछे हटता नजर आए तो यह सुनामी का संकेत हो सकता है और तुरंत ऊंची जगह पर पहुंच जाना चाहिए।
इंडोनेशिया भूकंप और सुनामी के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। साल 2004 में आई विनाशकारी सुनामी में हजारों लोगों की जान गई थी, इसलिए इस बार भी सरकार ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया है। राहत और बचाव टीमें तैयार हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फिलहाल तीनों देशों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और लोग किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि भूकंप के बाद सुनामी का असर कितना पड़ता है और स्थिति किस दिशा में जाती है।













