17.6 C
New York
Friday, January 16, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home news Crime हिंदू छात्राओं को भी हिजाब पहनाने वाले स्कूल पर चलेगा बुलडोजर; नरोतम...

हिंदू छात्राओं को भी हिजाब पहनाने वाले स्कूल पर चलेगा बुलडोजर; नरोतम मिश्रा बोले- फिरका परस्त ताकतों पर होगा एक्शन’

10

गंगा जमुना विवादः दमोह जिले में हिंदू छात्राओं को हिजाब जैसा स्कार्फ बांधने को मजबूर करने के मामले में हाई स्कूल से जुड़े लोगों के खिलाफ प्रशासन बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। एक तरफ जहां गिरफ्तारी का दौर शुरू हो गया है तो वहीं इस मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है।

आरोपियों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी में सरकार 

राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि दमोह के गंगा जमुना स्कूल के मामले की जांच सही दिशा में चल रही है।प्याज के छिलकों की तरह एक के बाद एक परत छिलके की तरह उघड़ती जा रही हैं, जो फरार हैं और इस तरह की फिरका परस्त ताकतें हैं, माफिया हैं उन पर तो बुलडोजर चलता ही है।

ज्ञात हो कि पिछले दिनों मध्य प्रदेश के दमोह जिले में हिंदू छात्राओं को हिजाब जैसा स्कार्फ बांधने को मजबूर करने के मामले को लेकर विवादों में आया था, जिसमें हिंदू बालिकाओं के हिजाब से मिलता जुलता स्कार्फ पहने दिखाया गया था। इस मामले में तीन बच्चों के बयान को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने स्कूल प्रबंध कमेटी के 10 लोगों के खिलाफ धारा 295,506 और जेजे एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। और जांच में आरोपों के सही पाया तो शुक्रवार की रात से आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की छापे मारी शुरू हुई।

इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों जिसमें प्राचार्य व दो अन्य है उनको गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। एक तरफ जहां गिरफ्तारी का दौर शुरू हो गया है तो वही इस मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है।

ReadAlso;अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2600 करोड़ के विकास कार्यों की रखी आधारशिला

उसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने पहले क्लीन चिट दी मगर बाद में उसकी मान्यता ही निलंबित कर दी गई। इतना ही नहीं इस स्कूल की कई शिक्षिकाओं का धर्म परिवर्तन कराए जाने के आरोप लगे। इन शिक्षिकाओं ने सामने आकर विद्यालय में पढ़ाने आने से पहले ही धर्म परिवर्तन की बात स्वीकारी। इतना ही नहीं कई बच्चों ने यह आरोप भी लगाए थे कि उन्हें नमाज तक पढ़ने के मजबूर किया जाता था, साथ ही इस्लामिक आयतें पढ़ने का दवाब बनाया जाता है।