17.6 C
New York
Saturday, January 17, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home news भारत के साथ विदेश मंत्री की वार्ता रद्द होना निराशजनक: PAK

भारत के साथ विदेश मंत्री की वार्ता रद्द होना निराशजनक: PAK

13

पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की न्यू यॉर्क में होने वाली बैठक रद्द होने से पाकिस्तान का बयान आया है। पाकिस्तान का कहना है कि यह काफी  निराशाजनक  है।  पाकिस्तान  ने इस बात पर जोर दिया कि वह भारत के साथ सार्वभौम समानता, परस्पर सम्मान और परस्पर लाभ के आधार पर शांतिपूर्ण और अच्छे पड़ोसी वाले संबंध चाहता है।

भारत ने गत महीने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक जम्मू कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या और इस्लामाबाद द्वारा कश्मीरी आतंकवादी बुरहान वानी का महिमामंडन करते हुए डाक टिकट जारी करने का उल्लेख करते हुए रद्द कर दी थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैजल ने कहा, ‘हम किसी भी देश को बातचीत करने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। भारत पहले तैयार हुआ और 24 घंटे से भी कम समय में अपनी सहमति वापस ले ली।’

दोनों देशों के संबंधों में 2016 में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों द्वारा आतंकवादी हमलों और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारत द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक के बाद तनाव आ गया था। फैजल ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा ही भारत के साथ शांतिपूर्ण और अच्छे पड़ोसी वाले संबंध चाहे हैं जो कि सार्वभौम समानता, परस्पर सम्मान और परस्पर लाभ के आधार पर हों।

उन्होंने कहा, ‘हमने औपचारिक रूप से घोषणा की है कि हम अपने सभी विवादों को हल करने के लिए भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन जैसा कि आपको पता है कि ताली दो हाथों से बजती है।’ दोनों मंत्रियों के बीच किसी गुप्त बैठक के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा, ‘मुझे किसी गुप्त बैठक के बारे में जानकारी नहीं है।’

सिख तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर गलियारा खोले जाने के बारे में एक सवाल पर फैजल ने कहा, ‘किसी बातचीत के अभाव में, कुछ भी आगे नहीं बढ़ सकता।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने भारतीय समकक्ष के एक पत्र का सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर, सर क्रीक और सियाचिन मुद्दे सुलझाने के लिए बातचीत को तैयार है। दक्षेस सम्मेलन पर फैजल ने कहा कि दक्षेस सम्मेलन पाकिस्तान में कराने के मुद्दे पर भारत को छोड़कर सभी सदस्य देशों का रूख सकारात्मक है।

,