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Thursday, February 26, 2026
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बनभूलपुरा में अतिक्रमण को लेकर अलर्ट, एक हफ्ते तक PAC-पुलिस का कड़ा पहरा

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हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की विवादित भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने की संभावनाओं और चल रही अदालती कार्यवाहियों के बीच प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए बनभूलपुरा इलाके को सुरक्षा के लिहाज से लगभग अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल के साथ प्रादेशिक आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (PAC) की कई कंपनियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह विशेष सुरक्षा व्यवस्था अगले एक सप्ताह तक चौबीसों घंटे लागू रहेगी।

प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर रखते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। बनभूलपुरा थाने के अलावा जिले के विभिन्न थानों से अतिरिक्त पुलिस फोर्स को क्षेत्र में बुलाया गया है। PAC के जवान संवेदनशील चौराहों, मुख्य सड़कों और संकरी गलियों में मोर्चा संभाले हुए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दंगा नियंत्रण वाहन (वज्र) और दमकल विभाग की गाड़ियां भी स्टैंडबाय पर रखी गई हैं। वहीं, क्षेत्र की संकरी गलियों, छतों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या भीड़ जुटने की स्थिति को समय रहते रोका जा सके।

अतिक्रमण हटाने से जुड़ी संभावनाओं को देखते हुए पुलिस ने दीर्घकालिक रणनीति भी तैयार की है। सुरक्षा बल लगातार रूट मार्च और फ्लैग मार्च कर रहे हैं, ताकि कानून-व्यवस्था का संदेश साफ तौर पर दिया जा सके और असामाजिक तत्वों में भय बना रहे। क्षेत्र में बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन चेकिंग की जा रही है। खुफिया जानकारी जुटाने के लिए खुफिया विभाग (LIU) को भी अलर्ट पर रखा गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि PAC की तैनाती कम से कम एक सप्ताह तक जारी रहेगी और हालात की समीक्षा के बाद इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस महानिरीक्षक और जिलाधिकारी ने क्षेत्र के धर्मगुरुओं और गणमान्य लोगों से संवाद कर सहयोग की अपेक्षा जताई है। लोगों से कहा गया है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी भ्रामक सूचना से बचें। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा बलों की तैनाती आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए है, इसलिए लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।