
मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान एक खास नजारा देखने को मिला। स्वागत कार्यक्रम के बीच मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और पीएम मोदी एक ही कार में सवार होकर कार्यक्रम स्थल की ओर जाते नजर आए। इस तस्वीर और वीडियो के सामने आने के बाद कूटनीतिक हलकों में इसे भारत-मलेशिया संबंधों के लिहाज से अहम संकेत माना जा रहा है।
प्रोटोकॉल से हटकर दिखी गर्मजोशी
आमतौर पर विदेशी दौरों में राष्ट्राध्यक्ष अलग-अलग सुरक्षा काफिलों में चलते हैं, लेकिन इस दौरे में मलेशियाई प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को स्वयं रिसीव किया और उन्हें अपनी आधिकारिक कार में साथ बैठने का आग्रह किया। दोनों नेताओं को कार में बातचीत करते और मुस्कुराते हुए देखा गया, जिससे आपसी सहजता साफ झलकती है।
क्या संकेत देती है ‘कार डिप्लोमेसी’
राजनयिक जानकारों के अनुसार, एक ही वाहन में साथ सफर करना केवल औपचारिकता नहीं होता, बल्कि यह आपसी भरोसे और व्यक्तिगत तालमेल का संकेत देता है। इसे यह संदेश माना जा रहा है कि भारत और मलेशिया क्षेत्रीय, आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर एक-दूसरे के और करीब आ रहे हैं।
मलेशियाई पीएम ने सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें
प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने खुद इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। उन्होंने पीएम मोदी का स्वागत करते हुए भारत को मलेशिया का अहम मित्र और साझेदार बताया। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाने को लेकर बातचीत हुई।
भारत-मलेशिया संबंधों में नई गर्माहट
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में आए उतार-चढ़ाव अब पीछे छूटते दिख रहे हैं। भारत मलेशियाई पाम तेल का बड़ा बाजार है, जबकि मलेशिया भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली और रक्षा सहयोग में रुचि दिखा रहा है। ‘एक्ट ईस्ट नीति’ के तहत मलेशिया भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी अहम देश है।
भरोसे का प्रतीक बनी एक तस्वीर
कुआलालंपुर की सड़कों पर एक ही कार में बैठे दोनों प्रधानमंत्रियों की यह तस्वीर आने वाले समय में भारत-मलेशिया संबंधों की दिशा को दर्शाती है। इसे औपचारिक कूटनीति से आगे बढ़कर भरोसे और आपसी समझ का प्रतीक माना जा रहा है।













