
भारत सरकार ने देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘BHAVYA’ यानी भारत औद्योगिक विकास योजना पोर्टल लॉन्च किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य देशभर में प्रस्तावित 100 आधुनिक औद्योगिक पार्कों के विकास की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस पोर्टल का शुभारंभ करते हुए कहा कि भारत को निवेश और विनिर्माण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए आधुनिक औद्योगिक बुनियादी ढांचे का विकास बेहद आवश्यक है। BHAVYA पोर्टल राज्यों, निवेशकों और उद्योग जगत को एक साझा डिजिटल मंच उपलब्ध कराएगा, जिससे परियोजनाओं की मंजूरी, निगरानी और क्रियान्वयन की प्रक्रिया पहले से अधिक सरल और तेज हो सकेगी।
सरकार की योजना के तहत विकसित किए जाने वाले 100 औद्योगिक पार्क ‘प्लग-एंड-प्ले मॉडल’ पर आधारित होंगे। इसका मतलब यह है कि निवेशकों और कंपनियों को पहले से तैयार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें सड़क संपर्क, बिजली, पानी, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट और अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होंगे। इससे उद्योग स्थापित करने में लगने वाला समय और लागत दोनों कम होने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन औद्योगिक पार्कों का स्वरूप तय किया जाएगा। कुछ स्थानों पर छोटे औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जबकि अन्य क्षेत्रों में बड़े औद्योगिक जोन स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
सरकार का मानना है कि यह पहल भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने में मदद करेगी। साथ ही घरेलू और विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर विनिर्माण क्षेत्र को नई गति प्रदान करेगी। अनुमान है कि इन औद्योगिक पार्कों के विकास से आने वाले वर्षों में लाखों रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं।
BHAVYA पोर्टल के माध्यम से राज्यों को भूमि उपलब्धता, इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति, निवेश क्षमता और परियोजनाओं से जुड़ी अन्य जानकारियां साझा करने की सुविधा भी मिलेगी। इससे केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म भारत की औद्योगिक विकास रणनीति को अधिक प्रतिस्पर्धी, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसे देश के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने वाली एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।













