
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शुक्रवार को एक अस्पताल में अचानक एसी ब्लास्ट होने से भीषण आग लग गई। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई और मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू करना पड़ा। घटना में अस्पताल के कर्मचारी और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
इमरजेंसी बिल्डिंग में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार आग अस्पताल की इमरजेंसी बिल्डिंग में लगी। एसी ब्लास्ट के तुरंत बाद पूरे इलाके में धुआं फैल गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत आपातकालीन अलर्ट जारी किया और मरीजों को दूसरे वार्डों तथा सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।
कई घंटे चली आग बुझाने की मशक्कत
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल वाहनों को लगाया गया। दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
8 लोग घायल, हालत स्थिर
इस हादसे में अस्पताल के 5 कर्मचारी और 3 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक सभी की हालत फिलहाल स्थिर है और किसी की जान को खतरा नहीं है।
तकनीकी खराबी बनी आग की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एसी में तकनीकी खराबी के कारण ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। प्रशासन ने पूरे अस्पताल की विद्युत व्यवस्था और एसी सिस्टम की जांच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
अस्पताल प्रशासन ने बयान जारी कर कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी प्रभावित मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और घायल कर्मचारियों का इलाज किया जा रहा है। प्रशासन ने हादसे की निष्पक्ष जांच का भरोसा भी दिया है।
अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा और तकनीकी उपकरणों की नियमित जांच को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के दौरान अस्पताल में भारी अफरातफरी का माहौल था, लेकिन दमकल विभाग की तेजी से कार्रवाई के कारण बड़ा नुकसान टल गया।
स्वास्थ्य विभाग ने दिए जांच के आदेश
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने हादसे की विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग ने राज्य के सभी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा मानकों और विद्युत व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि यदि लापरवाही पाई गई तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।













