
नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में शनिवार को नीदरलैंड पहुंच गए। द हेग में भारतीय समुदाय ने उनका जोरदार स्वागत किया। प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत और यूरोपीय देशों के साथ रणनीतिक, व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
15 से 20 मई तक चलेगा पांच देशों का दौरा
प्रधानमंत्री मोदी का यह विदेश दौरा 15 से 20 मई तक चलेगा। इस यात्रा में संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश, उन्नत तकनीक और वैश्विक सहयोग को नई दिशा देना है।
डच नेतृत्व से होगी अहम मुलाकात
नीदरलैंड यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात डच प्रधानमंत्री Rob Jetten और King Willem-Alexander से होगी। सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, जल प्रबंधन, हरित ऊर्जा, बंदरगाह और हाई-टेक उद्योगों में सहयोग बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
यूएई दौरे में हुए कई अहम समझौते
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे थे, जहां उनका स्वागत एफ-16 लड़ाकू विमानों की एस्कॉर्ट के साथ किया गया। यूएई दौरे के दौरान ऊर्जा, रक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश से जुड़े कई समझौतों पर सहमति बनी। सूत्रों के मुताबिक, यूएई ने भारत में पांच अरब डॉलर निवेश की घोषणा भी की है, जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैश्विक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा दौरा
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच प्रधानमंत्री मोदी का यह बहु-देशीय दौरा भारत की आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। राजनीतिक और आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, इस दौरे के जरिए भारत यूरोप और पश्चिम एशिया के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।













