
धर्मनगरी हरिद्वार आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारतीय रेलवे ने हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास (Redevelopment) को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 460 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य अर्धकुंभ 2028 के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ का बेहतर प्रबंधन करना और यात्रियों को हवाई अड्डे जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, पुनर्विकास के बाद हरिद्वार रेलवे स्टेशन उत्तर भारत के सबसे सुंदर, सुविधाजनक और आधुनिक स्टेशनों में शामिल होगा। स्टेशन के नए डिजाइन में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक वास्तुकला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
कैसा होगा नया हरिद्वार रेलवे स्टेशन?
₹460 करोड़ के बजट से स्टेशन के स्वरूप और बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव किए जाएंगे:
- भव्य प्रवेश द्वार: स्टेशन भवन को मंदिरनुमा अग्रभाग (Façade) दिया जाएगा, जो हरिद्वार की आध्यात्मिक पहचान को दर्शाएगा।
- विशाल कॉनकोर्स एरिया: यात्रियों के लिए हवादार और आधुनिक वेटिंग हॉल बनेगा, जहां एक साथ हजारों लोग आराम से बैठ सकेंगे।
- आधुनिक सुविधाएं: एस्केलेटर, लिफ्ट, वीआईपी लाउंज, उन्नत फूड कोर्ट और पूरी तरह ‘दिव्यांग-मित्र’ स्टेशन की व्यवस्था होगी।
- स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था: स्टेशन के बाहर ट्रैफिक जाम से राहत के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग और अलग-अलग एंट्री-एग्जिट गेट बनाए जाएंगे।
अर्धकुंभ 2028 के लिए विशेष तैयारी
रेलवे प्रशासन का लक्ष्य इस परियोजना को अर्धकुंभ मेले से पहले पूरा करना है ताकि –
- भीड़ नियंत्रण सिस्टम: आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएंगे।
- प्लेटफार्म विस्तार: प्लेटफार्मों की लंबाई और चौड़ाई बढ़ाई जाएगी, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन सुगम होगा।
- डिजिटल सूचना प्रणाली: बड़ी एलईडी स्क्रीन और आधुनिक उद्घोषणा प्रणाली से यात्रियों को रियल-टाइम जानकारी मिलेगी।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों के अनुसार स्टेशन के पुनर्विकास से हरिद्वार की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी-
- धार्मिक पर्यटन में वृद्धि: भव्य स्टेशन विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा।
- स्थानीय कारोबार को लाभ: होटल, टैक्सी, हस्तशिल्प और छोटे व्यापारियों की आय बढ़ेगी।
- रोजगार के नए अवसर: निर्माण और संचालन से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
निष्कर्ष: अमृत भारत की झलक
हरिद्वार रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना का अहम हिस्सा है। यह परियोजना हरिद्वार को केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि आधुनिक बुनियादी ढांचे का प्रतीक भी बनाएगी। ₹460 करोड़ का यह निवेश देवभूमि उत्तराखंड के विकास पथ पर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।













