भट्ठा पारसौल में किसानों ने क्यों खुशी-खुशी दे दी जमीन, योगी आदित्यनाथ ने कहा एक भी किसान असंतुष्ट नहीं है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों 25 नवंबर को नोएडा में जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यापस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हो चुका है। इसे एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बताया जा रहा है।यह एयरपोर्ट उसी भट्ठा पारसौल की जमीन पर बन रहा है जो 7 मई 2011 को जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन के दौरान पुलिस और किसानों के बीच हुए हिंसक संघर्ष के बाद लंबे समय तक सुर्खियों में छाया रहा था। शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यदनाथ ने कहा कि भट्ठा पारसौल के किसानों ने उनकी सरकार बनने के बाद क्योंथ अपनी जमीनें खुशी-खुशी सरकार को दे दीं। वो भी चार नहीं दो गुने मुआवजे पर।

लखनऊ में गति शक्ति योजना के कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि मंशा साफ हो बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। उन्हों ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाला एक भी किसान असंतुष्ट  नहीं है। पहले चरण में 3300 एकड़ जमीन हमें मिल चुकी है। बाकी जमीन भी जल्दा ही मिल जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। यूपी में अपनी सरकार बनने के बाद विकास की रफ्तार तेज होने का दावा करते हुए उन्होंयने कहा कि सरकार के एक साल पूरे होने के अंदर ही पहला इन्वेस्टर समिट किया था। हमें लगभग 5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। उसमें से 3 लाख करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव आज UP में धरातल पर उतरते हुए दिखाई दिए हैं.

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश लगातार तरक्‍की की राह पर रफ्तार के साथ बढ़ता चला जा रहा है। आजादी के बाद से 2017 तक जहां प्रदेश में सिर्फ डेढ़ एक्सप्रेसवे बने थे वहीं पिछले साढ़े चार वर्षों में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तो बनकर तैयार हुआ .

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 तक यूपी में सिर्फ चार एयरपोर्ट लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और आगरा थे। वर्तमान सरकार ने प्रयागराज, कानपुर, हिंडन, बरेली और कुशीनगर हवाई अड्डे से उड़ान शुरू कराई।और  अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन रहा है