थायरॉइड की समस्या से जूझ रहे हैं? ये गलतियां आपकी सेहत पर डाल सकती हैं बुरा असर

10

थायरॉइड शरीर की एक महत्वपूर्ण ग्रंथि है, जो मेटाबोलिज़्म को नियंत्रित करने के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन, हार्मोन संतुलन और कई शारीरिक कार्यों में भूमिका निभाती है। लेकिन जब यह ग्रंथि सही से काम नहीं करती, तो शरीर में कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। हाइपोथायरॉइडिज्म (थायरॉइड हार्मोन की कमी) और हाइपरथायरॉइडिज्म (थायरॉइड हार्मोन की अधिकता) दो प्रमुख थायरॉइड विकार हैं, जिनसे लाखों लोग प्रभावित होते हैं। इन समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए सही खानपान और जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है।

थायरॉइड के मरीजों को किन चीजों से बचना चाहिए?
  • ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थ

गेहूं, जौ और राई जैसे अनाज में पाया जाने वाला ग्लूटेन थायरॉइड मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है। विशेष रूप से जिन लोगों को ग्लूटेन संवेदनशीलता है, उनके लिए यह आंतों में सूजन पैदा कर सकता है और थायरॉइड ग्रंथि की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है। कई शोधों में पाया गया है कि ग्लूटेन मुक्त आहार अपनाने से हाइपोथायरॉइडिज्म के लक्षणों में सुधार हो सकता है।

  • सोया उत्पाद

सोया और इससे बने खाद्य पदार्थों में ऐसे तत्व होते हैं, जो शरीर में थायरॉइड हार्मोन के निर्माण और अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं। सोया दूध, टोफू, सोया प्रोटीन और सोया आधारित अन्य उत्पादों का अधिक सेवन करने से थायरॉइड ग्रंथि की कार्यप्रणाली धीमी हो सकती है। यह उन लोगों के लिए अधिक चिंता का विषय है, जो पहले से ही थायरॉइड हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी ले रहे हैं।

  • कृत्रिम मिठास

एस्पार्टेम जैसी कृत्रिम मिठास का अधिक सेवन थायरॉइड ग्रंथि पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। कुछ अध्ययनों के अनुसार, यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सकता है और थायरॉइड संबंधी विकारों के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए, अगर आपको मीठा पसंद है, तो प्राकृतिक विकल्प जैसे शहद या गुड़ का सेवन करना बेहतर होगा।

  • फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड

पैक्ड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में अत्यधिक सोडियम, ट्रांस-फैट्स और संरक्षक तत्व होते हैं, जो शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं और थायरॉइड के कार्यों को प्रभावित कर सकते हैं। अधिक जंक फूड का सेवन करने से शरीर में मोटापा, हार्मोनल असंतुलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जो थायरॉइड मरीजों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

  • अत्यधिक योडीन

योडीन थायरॉइड ग्रंथि के लिए आवश्यक है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा नुकसानदायक हो सकती है, खासकर हाइपोथायरॉइडिज़्म से ग्रस्त लोगों के लिए। अत्यधिक योडीन का सेवन थायरॉइड ग्रंथि को और असंतुलित कर सकता है, जिससे लक्षण और अधिक गंभीर हो सकते हैं। इसलिए, संतुलित मात्रा में ही योडीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

  • कैफीन और शराब

कॉफी, चाय और अन्य कैफीन युक्त पेय पदार्थों का अधिक सेवन करने से शरीर में तनाव बढ़ सकता है, जो थायरॉइड ग्रंथि को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, शराब का सेवन इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकता है और थायरॉइड हार्मोन के उत्पादन को बाधित कर सकता है। इसलिए, थायरॉइड मरीजों को इन चीजों से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

  • त्वचा की देखभाल में सावधानी

कई कॉस्मेटिक और स्किन केयर प्रोडक्ट्स में पेट्रोलियम आधारित तत्व होते हैं, जो त्वचा द्वारा अवशोषित होकर थायरॉइड ग्रंथि की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए, ऐसे उत्पादों के बजाय प्राकृतिक और ऑर्गेनिक उत्पादों का उपयोग करना बेहतर होता है।

थायरॉइड के मरीजों के लिए संतुलित और पोषणयुक्त आहार बेहद जरूरी है। हरी पत्तेदार सब्जियां, प्रोटीन युक्त आहार, ओमेगा-3 फैटी एसिड, नट्स और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करने से थायरॉइड की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके साथ ही, नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन भी जरूरी है, ताकि शरीर में हार्मोन संतुलन बना रहे।

अगर आप थायरॉइड से पीड़ित हैं, तो इन चीजों से बचकर अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। सही खानपान और नियमित चिकित्सा परामर्श से इस समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है।