
ईरान में काशान के पास स्थित याह्याबाद रेलवे पुल, जिसे 7 अप्रैल को United States और Israel के हमले में नुकसान पहुंचा था, उसे मात्र तीन दिन में दुरुस्त कर लिया गया है। अब इस पुल पर फिर से ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, इस हमले में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि तीन लोग घायल हुए थे। हमलों के दौरान कई रेलवे लाइनों, पुलों और सड़कों को निशाना बनाया गया था। फार्स समाचार एजेंसी के मुताबिक, तेहरान-मशहद रेलवे लाइन, इस्फहान के याह्याबाद पुल, जंजान-मियानेह मार्ग और करज के रेलवे पुल समेत कई अहम ढांचों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा कुम प्रांत की एक सड़क और तबरीज-तेहरान राजमार्ग भी प्रभावित हुए, जिसे बाद में फिर खोल दिया गया।
इजराइल ने दावा किया था कि उसने तेहरान, करज, तबरीज, काशान और कुम जैसे शहरों में आठ पुलों को निशाना बनाया। हमलों से पहले लोगों को रेलवे लाइनों से दूर रहने की चेतावनी भी दी गई थी।
युद्ध में भारी नुकसान
लगभग 40 दिनों से जारी इस संघर्ष में ईरान के नागरिक ढांचे को बड़ा नुकसान हुआ है। ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, 80 हजार से अधिक नागरिक स्थलों को क्षति पहुंची है। इनमें बिजली संयंत्र, जल आपूर्ति इकाइयां, अस्पताल, स्कूल, पुल, रेलवे नेटवर्क, विश्वविद्यालय और सांस्कृतिक स्थल शामिल हैं। इसके अलावा गैस फील्ड, इस्पात कारखाने और परमाणु संयंत्र भी हमलों की चपेट में आए हैं।
शांति वार्ता की पहल
8 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच दो हफ्ते के सशर्त युद्धविराम पर सहमति बनी है। इसके बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता की तैयारी की जा रही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस वार्ता में शामिल होने के लिए रवाना हो चुके हैं।
फिलहाल, युद्ध के बीच ईरान द्वारा तेजी से बुनियादी ढांचे की मरम्मत करना उसकी तैयारियों और क्षमता को दर्शाता है, वहीं दुनिया की नजर अब संभावित शांति वार्ता पर टिकी हुई है।













