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Saturday, January 17, 2026
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देश में कोरोना महामारी के चलते प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति की राज्यपालों संग पहली आधिकारिक बैठक

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देश में कोरोना के हालात तेजी से बेकाबू होती नजर आ रही हैं। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पीएम मोदी आज राज्यपालों और उपराज्यपालों के साथ अहम बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में पीएम मोदी कोरोना से देश में बनी स्थिति का जायजा लेंगे। पीएम  के साथ इस बैठक में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भी मौजूद रहेंगे।

देश में बीते 24 घंटों में 1 लाख 84 हजार 372 नए मरीज मिले। 82,231 ठीक हुए और 1,026 की मौत हो गई। इस दौरान कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या में 1 लाख 1 हजार 6 की बढ़ोतरी हुई। पहली बार एक्टिव केस में भी एक लाख से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। मौत का आंकड़ा भी इस साल पहली बार 1,000 के पार गया है। पिछले साल महामारी की पहली लहर में सबसे ज्यादा 1,281 मौतें 15 सितंबर को हुई थीं।

बेकाबू हालात को देखते कोविड-19 के मैनजमेंट और वैक्सिनेशन को लेकर ये प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति की राज्यपालों संग पहली आधिकारिक बैठक होगी। देश में अप्रैल के महीने में कोरोना तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इस बैठक में प्रधानमंत्री एक बार फिर इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में राज्यपालों की भूमिका पर बात कर सकते हैं।

बुधवार शाम 6 बजे होने वाली इस बैठक में प्रधानमंत्री एक बार फिर इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में राज्यपालों की भूमिका पर बात कर सकते हैं। हालांकि जानकारी के अनुसार, राजपालों को राज्य सरकार द्वारा महामारी के खिलाफ रोजाना किए जा रहे बचाव कार्यों में सीधे तौर पर शामिल नहीं किया जाएगा। बल्कि उनका कार्य राष्ट्रपति के प्रतिनिधियों और राज्य के मुख्यमंत्रियों के बीच साझेदारी को बेहतर बनाने का होगा। कोविड-19 के मैनजमेंट को लेकर ये प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति की पहली आधिकारिक बैठक होगी। संविधान के प्रावधानों के अनुसार प्रधानमंत्री सीधे तौर पर राज्यपालों के साथ बैठक नहीं बुला सकते. राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति केवल ये ही राज्यपालों को बैठक के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।

इससे पहले पीएम मोदी ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ भी एक बैठक की थी। उस बैठक में पीएम मोदी ने देश में कोरोना महामारी की स्थिति की समीक्षा की और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए राज्यों को सलाह दी थी। पीएम ने कोरोना कर्फ्यू के नाम से नाइट कर्फ्यू लगाने, टेस्टिंग बढ़ाने, 11 अप्रैल से 14 अप्रैल तक ‘टीका उत्सव’ मनाने का सुझाव दिया था।