
देश में नक्सलवाद (वामपंथी उग्रवाद) के मुद्दे पर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।रिजिजू ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के वामपंथी उग्रवादियों और माओवादियों से संबंध रहे हैं, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि वे उग्रवादियों को “अच्छी तरह जानते हैं” और उनके बीच एक तरह की जान-पहचान है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कभी नक्सलवाद की खुलकर निंदा नहीं की, जिससे “मौन समर्थन” का संकेत मिलता है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान नक्सलवाद को बढ़ने का मौका मिला, क्योंकि उस समय इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई। उनके मुताबिक, कुछ नेताओं ने नक्सलियों को राजनीतिक संरक्षण दिया और उनके समर्थकों को महत्वपूर्ण पदों पर जगह मिली।
इन आरोपों पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और सभी दावों को निराधार और राजनीतिक बताया है। पार्टी का कहना है कि उसने हमेशा नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए और सुरक्षा बलों के साथ मजबूती से खड़ी रही।
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।













