NIA की सुतली बम और ट्रैक्टर के एक पार्ट की बरामदगी पर उडा मजाक

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानि (NIA) बता दे भारत में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भारत सरकार द्वारा स्थापित एक संघीय जाँच एजेंसी है। यह केन्द्रीय आतंकवाद विरोधी कानून प्रवर्तन एजेंसी के रूप में कार्य करती है।

हास ही में NIA की ओर से आईएसआईएस मॉड्यूल से प्रेरित 10 आतंकियों की गिरफ्तारी पर विवाद हो रहा है, लेकिन NIA को लगता है कि वह सही दिशा में काम कर रही है। इस गिरफ्तारी में NIA की सुतली बम और ट्रैक्टर के एक पार्ट की बरामदगी को लेकर मजाक उड़ाई जा रही है।

NIA ने आईएसआईएस की इस कहानी को पाकिस्तान से जोडा जा रहा है। अब NIA का कहना है कि उसके हाथ टेलीग्राम और थीरमा ऐप के जरिए हुई खुफिया बात पता चला है। इसमें दावा किया गया है कि इस मॉड्यूल के सरगना मुफ्ती मोहम्मद सुहैल अपने छद्म नाम अबू बासिर अल खुरसानी से अबू मलिक पेशावरी के साथ बातचीत कर रहा था।

अबू मलिक ISIS का पाकिस्तानी हैंडलर है। NIA के मुताबिक इस बातचीत में मलिक निर्देश दे रहा है कि कैसे विस्फोटकों को जमा करना है।

पाकिस्तान इन दिनों ऑलनाइन जिहादियों की तलाश में हैं। वहीं, NIA का मानना है कि सुहैल करीब एक दशक पहले कट्टरपंथ की चपेट में आया था। वह जिहादी साइट देखने की वजह से कट्टरपंथी हो गया था। NIA के सूत्रों का कहना है कि वह इस्लाम के विरोधियों के प्रति गुस्से का भाव रखते हुए आतंकी बन गया था।

खबरों के मुताबिक, वह अपने तीन साथियों के साथ फिदायीन बनने की राह में निकल पड़ा था। NIA का कहना है कि ये तीनों अपने टारगेट के साथ खुद को उड़ाने के लिए मानसिक तौर पर तैयार कर दिए गए थे। इनमें से एक NIA के दिल्ली हेडक्वॉर्टर में है।

इन तीनों की पहचान अनस युनूस, साकिब इफ्तेकार, मोहम्मद इरशाद के तौर पर की गई है. इस मॉड्यूल को हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम बताया जा रहा है। इनका सरगना मुफ्ती मोहम्मद सुहैल बताया जा रहा है।

NIA के एक अधिकारी का कहना है कि ये संगठन खून बहाने के लिए तैयार बैठा था, लेकिन उन्होंने इनके मंसूबों को अंजाम तक नहीं पहुंचने दिया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि लोग बिना मामले की गंभीरता जाने टिप्पणियां कर रहे हैं।

सोशल मीडिया में NIA के जब्त कथित हथियारों का उड़ रहे मजाक पर जांच एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि ये जानलेवा हथियार हैं। उन्होंने कहा कि आईएसआईएस से प्रेरित हमलों में कई बार एक गन से भी हमला किया गया है।

NIA सूत्रों का कहना है कि जिसे सुतली बम कहा जा रहा है, उसका इस्तेमाल आईएसआईएस हैदराबाद ने भी किया था, जिसका भंडाफोड़ 2016 में हुआ था। उन्होंने कहा कि अगर सुतली बम के मसाले का ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल किया जाए तो बड़ा धमाका भी किया जा सकता है।

NIA सूत्रों का कहना है कि बरामद किया गया हथियार रॉकेट लॉन्चर का मॉडिफाइड वर्जन था, जिसे पाइप से बनाया गया था। उन्होंने दावा किया कि नक्सली भी इस तरह के कई हथियारों का इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल NIA के पास आरोपियों की 12 दिन की हिरासत है।