किसान आंदोलन की आड़ में अय्याशी? टीकरी बॉर्डर पर एक और युवती ने लगाए उत्पीड़न के आरोप

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दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन देशविरोधी ताकतों और फर्जी किसानों का जमावड़ों के आरोप लगते रहे हैं। आरोप ये भी लगाए जा रहे हैं कि ये आंदोलन असामाजिक तत्वों के अय्याशी का अड्डा बन गया है। आंदोलन के नाम पर महिलाओं को धरने में शामिल कर उनका शारीरिक शोषण की खबरें भी खूब आ रही हैं। बंगाल की एक लड़की से गैंगरेप का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि टिकरी बॉर्डर पर एक और युवती ने शारीरिक उत्‍पीड़न का आरोप लगा दिया।

सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने वाले एक जाने माने वकील ने टीकरी बॉर्डर पर एक और युवती के साथ दुष्कर्म किए जाने की जानकारी ट्वीट की तो हरियाणा पुलिस के अधिकारियों और आंदोलनकारी किसान नेताओं में खलबली मच गई। खबरें हैं कि दुुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद किसान नेताओं ने युवती को टिकरी बॉर्डर से सिंघू बॉर्डर भेज दिया। सूत्र बताते हैं कि युवती पंजाब की रहने वाली है औरसंयुक्त राज्य अमेरिका में रहने वाले एक डॉक्टर द्वारा संचालित एसोसिएशन के स्वयंसेवकों के खिलाफ छेड़खानी का आरोप मीडिया के माध्यम से लगाया था।

इसके अलावा उसने अपनी पीड़ा इंस्टाग्राम पर भी पोस्ट की थी। पंजाब के ही रहने वाले दोनों आरोपी फाइव रिवर्स हार्ट एसोसिएशन से वालंटियर के तौर पर जुड़े बताए जा रहे हैं। 

युवती इस अस्पताल में बतौर स्वयंसेवक काम कर रही थी। पीडि़ता का आरोप है कि उसने इस संबंध में एसोसिएशन के संचालक डाक्टर को जानकारी भी दी, लेकिन उन्होंने अपने आरोपित स्वयंसेवकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। अभी तक पीड़िता ने स्थानीय पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। वहीं संचालक डाक्टर का कहना है कि युवती के आरोप के बारे में संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं को बता दिया था। गौरतलब है कि इसके पहले कृषि सुधार कानून विरोधी आंदोलन में बंगाल से आई एक युवती के साथ दुष्कर्म किए जाने की एफआइआर उसके पिता ने दर्ज कराई थी।

टिकरी बॉर्डर पर युवती दुष्कर्म के बाद कोरोना संक्रमित हो गई थी और उसकी मौत हो गई थी। उसके पिता के अनुसार बेटी ने खुद उन्हें फोन कर अपने उत्पीड़न से अवगत कराया था। इस प्रकरण में बुधवार को ही मुख्य आरोपित अनिल मलिक को पुलिस ने भिवानी से गिरफ्तार कर लिया।