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Sunday, February 15, 2026
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हिंदू मुसल्मि के बीच के रिश्तों को दर्शाती है ऋषि कपूर की फिल्म मुल्क

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 कलाकार- तापसी पन्नू, ऋषि कपूर

 फिल्म निर्देशक-  अनुभव सिन्हा

अवधि- 2 घंटे, 25 मिनट

फिल्म रेटिंग- 3.5\5

फिल्म टाइप- ड्रामा

मुल्क की कहानी-  लेखक अनुभव सिन्हा के निर्देशन में बनी मुल्क में तापसी पन्नू  वकील के किरदार में नज़र आ रही हैं और ऋषि कपूर मुसलमान चरित्र मुराद अली मोहम्मद का रोल निभाते नज़र आए हैं। अनुभव फिल्म के ज़रिये समाज में व्याप्त हिंदू और मुसल्मि के बीच में विभाजन करके आज के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य पर करारा प्रहार कर रहे हैं। कहानी की शुरूआत बनारस के एक खुशहाल परिवार से होती है यह परिवार मुसलमान समुदाय से ताल्लुक रखता है। परिवार के मुखिया मुराद अली मोहम्मद(ऋषि कपूर) अपने हिंदू पड़ोसियों के साथ घुलमिलकर रहते हैं। मुराद अली मोहम्मद पेशे से वकील हैं। फिल्म में अहम किरदार निभा रहीं तापसी पन्नू आरती मोहम्मद के किरदार में सामने आई हैं। आरती मुराद अली की बहू हैं और वह लंदन से अपने ससुराल आती हैं। अब कहानी में टर्निंंग पॉइंट आता है।

दरअसल अली मोहम्मद के भतीजे शाहिद( प्रतीक बब्बर) आतंकी हमले के जिम्मेदार आतंकवादी के रूप में सामने आते हैं और इसके चलते उनके पूरे परिवार को आतंकवादी मान लिया जाता है। शाहिद के पिता बिलाल (मनोज पाहवा) को हमले की साजिश करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया जाता है साथ ही मुराद को भी आरोपी ठहरा दिया जाता है। परिवार की जिंदगी एकदम बदल जाती है।  पूरे परिवार को साजिश में घेरने के लिए सरकारी वकील संतोष आनंद (आशुतोष राणा) और पुलिस अफसर दानिश जावेद (रजत कपूर) अपनी पूरी जान लगा देते हैं।

अब अपने परिवार की समाज में खोई इज्जत और सम्मान को वापस पाने के लिए मुराद खुद इस केस की पैरवी करने को मैदान में उतरते हैं। कोर्ट के मुराद को देशभक्ति और उसके मुसलमान होने को लेकर सवाल उठाने पर परेशान होकर वह अपनी बहू आरती मोहम्मद को केस लड़ने के लिए कहते हैं। क्या आरती मोहम्मद अपने परिवार को निर्दोष साबित कर पाती है? और क्या करती हैं आरती अपने परिवार की इज्जत को वापस लाने के लिये यह जानने के लिये आपको सिनेमा हॉल जाना होगा।

निर्देशक अनुभव ने बहुत ही अच्छी फिल्म बनाई है जिसके ज़रिये समाज में अरसे से व्याप्त ऐसे मुद्दों और विषय पर प्रश्न हैं जो हमें कहीं न कहीं परेशान करते हैं और जिसपर कोई चर्चा नहीं करना चाहता है। इस फिल्म के ज़रिये लेखक, निर्देशक अनुभव ने यह भी दिखाया है की किस तरह किसी आतंकी के आतंकवाद में आ जाने पर उसके परिवार पर क्या असर पड़ता है।

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