
भारत सरकार के आर्थिक सुधारों को गति देते हुए लोकसभा ने बुधवार को ‘वित्त विधेयक 2026’ को मंजूरी दे दी। विस्तृत चर्चा के बाद यह विधेयक 32 अहम संशोधनों के साथ पारित किया गया, जिसे सरकार के आर्थिक एजेंडे में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि भारत आज आत्मविश्वास के साथ “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में हो रहे आर्थिक सुधार किसी दबाव में नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूत सोच और प्रतिबद्धता के साथ किए जा रहे हैं।
भरोसे पर आधारित टैक्स सिस्टम पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार एक ऐसा टैक्स सिस्टम विकसित कर रही है, जो पूरी तरह “भरोसे” पर आधारित हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईमानदार करदाताओं को अनावश्यक जांच और परेशानियों से राहत दी जाएगी।
पारदर्शी और आसान टैक्स प्रशासन
सीतारमण के मुताबिक टैक्स प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल और तकनीक-आधारित बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसका उद्देश्य कर चोरी पर लगाम लगाना और कारोबार करने में आसानी को बढ़ावा देना है।
32 संशोधनों से मिलेगी स्पष्टता
विधेयक में शामिल 32 संशोधन कर नियमों को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने के लिए लाए गए हैं। इससे विभिन्न सेक्टर्स को राहत मिलने और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि यह विधेयक आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को और गति देगा तथा निवेश और विकास के नए अवसर पैदा करेगा।













