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Thursday, January 15, 2026
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हरदीप सिंह पुरी का बड़ा बयान – कच्चे तेल की कोई कमी नहीं, भारत जल्द बनेगा 8 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था

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केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को भरोसा दिलाया कि वैश्विक अस्थिरताओं के बावजूद भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति में कोई कमी नहीं होगी और ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत ने अब तक एक अनुशासित मूल्य निर्धारण नीति को अपनाया है और आगे किसी बड़े व्यवधान की संभावना नहीं दिख रही है।

पुरी का यह बयान उस समय आया है जब ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि ईरान विश्व के प्रमुख तेल उत्पादकों में से एक है, और किसी भी प्रकार का संघर्ष वैश्विक आपूर्ति शृंखला को प्रभावित कर सकता है।

मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने नवंबर 2021, मई 2022 और हाल ही में मार्च 2024 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की थी। उन्होंने बताया कि यह सब सरकार की जनकल्याणकारी नीति और वैश्विक बाजारों में कुशल संतुलन के चलते संभव हो सका।

अंडमान में मिला बड़ा तेल-गैस भंडार

हरदीप सिंह पुरी ने यह भी जानकारी दी कि हाल ही में अंडमान क्षेत्र में एक बड़ा तेल और गैस भंडार मिला है, जो भविष्य में भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत जीवाश्म आधारित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में पुरी ने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था वर्तमान में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “भारत पहले ही दो ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन चुका है और हम निकट भविष्य में आठ ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि जैसे-जैसे देश की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ेगा, प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ेगी और इससे व्यापार, सेवाओं और वैश्विक साझेदारी में भी तेजी आएगी। एक मजबूत अर्थव्यवस्था, देश की वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को भी सशक्त बनाती है।

केंद्रीय मंत्री का यह सकारात्मक दृष्टिकोण ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक अनिश्चितताओं से ऊर्जा बाजारों में हलचल मची हुई है। लेकिन भारत सरकार की रणनीतिक तैयारी और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदम देश के ऊर्जा और आर्थिक भविष्य को लेकर आश्वस्त करने वाले हैं।