
ऑनलाइन शॉपिंग और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म से घर बैठे सामान मंगाने वाले ग्राहकों के लिए अहम खबर है। Zepto, Blinkit और Swiggy जैसे ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, एक्सपायरी और कम वजन से जुड़ी शिकायतों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने गंभीरता से लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन मामलों में संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
दरअसल, ऑनलाइन ऑर्डर के जरिए ग्राहकों तक एक्सपायरी बेसन, खराब दही और गलत उत्पाद पहुंचने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। एक मामले में ग्राहक ने गेहूं के आटे के बजाय चावल का आटा मिलने की शिकायत की। इसके अलावा, भुगतान की गई मात्रा से कम सामान मिलने के मामले भी सामने आए हैं। इन शिकायतों ने ऑनलाइन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और कंपनियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा नियमों को सख्त करने की तैयारी
खाद्य पदार्थों से जुड़ी शिकायतों के बीच नियामक ऑनलाइन और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के लिए नियमों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों को सुरक्षित, अच्छी गुणवत्ता वाला और निर्धारित मानकों के अनुरूप सामान मिले। वहीं, कम वजन की शिकायतों को लेकर भी कंपनियों की जवाबदेही तय करने और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समय पर समाधान करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
2025 में पांच लाख से अधिक शिकायतें
ऑनलाइन खरीदारी से जुड़ी उपभोक्ता शिकायतों में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के खिलाफ पांच लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। यह संख्या वर्ष 2024 की तुलना में लगभग दोगुनी बताई गई है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ी शिकायतें अब उपभोक्ताओं की प्रमुख समस्याओं में शामिल हो गई हैं।
सामान मिलने पर इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऑनलाइन किराना या खाद्य पदार्थ मंगाने के बाद ग्राहकों को पैकेट पर लिखी एक्सपायरी डेट, सामान का वजन और ऑर्डर में दर्ज मात्रा की जांच जरूर करनी चाहिए। पैकेट की सील और उत्पाद की स्थिति भी देखनी चाहिए। अगर गलत, खराब या एक्सपायरी सामान मिलता है, तो उसकी तस्वीर लेकर संबंधित प्लेटफॉर्म पर तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। शिकायत का समाधान नहीं होने पर राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के नंबर 1915 या आधिकारिक वेबसाइट consumerhelpline.gov.in के जरिए भी मदद ली जा सकती है।
ऑनलाइन डिलीवरी की सुविधा के साथ ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है। ऐसे में कंपनियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने, सही मात्रा में सामान पहुंचाने और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करने की जरूरत है। अब देखना होगा कि संबंधित प्लेटफॉर्म इन शिकायतों के समाधान और गुणवत्ता नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।













