पूर्व सांसदों को सरकारी आवास खाली करने का मिला आखिरी मौका

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लोकसभा चुनाव के बाद कई सारे नए सांसद जीतकर आए है और अब उन्हे घर दिलाने के लिए लोकसभा हाउसिंग कमेटी ने पूर्व सांसदों को एक हफ्ते के भीतर उनको मिले सरकारी मकानों को खाली करने का आदेश जारी किया है। बताया जा रहा है कि बहुत से पूर्व सांसदों ने अभी तक सरकारी आवास खाली नहीं किये हैं। नियमों के मुताबिक पूर्व सांसदों को एक महीने के भीतर ही उनके सांसद रहते मिले आवास को खाली करना होता है।

सरकारी आवास समिति के चेयरमैन सीआर पाटील ने बताया कि ऐसे सभी पूर्व सांसदों को अपने बंगले खाली करने के आदेश दिए गए हैं, जिनकी वहां रहने की मियाद खत्म हो चुकी है और उनको एक हफ्ते का समय दिया गया है। अगर उन्होंने आदेश का पालन नहीं किया और आवास खाली नहीं किए तो उनके घरो की मुख्य सुविधाएं काट दी जाएंगी।

सीआर पाटिल का मानना है कि समिति का चेयरमैन होने के नाते उन्हें बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक बहुत से पूर्व सांसदों ने मकान खाली नहीं किए और नए सांसदों का दबाव है कि जल्दी से जल्दी उनको मकान अलॉट किए जाएं। जबकि इस साल हुए लोकसभा चुनाव को अब काफी समय बीत चुका हैं।

गौरतलब है कि पूर्व सांसदों के मकान खाली ना करने की वजह से 2019 लोकसभा चुनावों में चुनकर आए नए सांसदों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब इन सरकारी मकानों में जगह खाली होने के बाद नए सांसदों को अलॉट किया जाना है। लेकिन अलॉट करने से पहले मकानों को रिनोवेट भी करवाना पड़ता है और इस प्रक्रिया में भी समय लगता है।