
उत्तराखंड में क्रिकेट के प्रति लोगों की दीवानगी का फायदा उठाकर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने राज्य में भव्य क्रिकेट लीग आयोजित कराने का झांसा देकर एक पूर्व विधायक से लाखों रुपये ठग लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के नाम पर रची गई साजिश
पीड़ित पूर्व विधायक की शिकायत के अनुसार, ठगों ने खुद को बड़े खेल आयोजनों से जुड़ा बताया और दावा किया कि प्रस्तावित क्रिकेट लीग में देश-विदेश के नामी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हिस्सा लेंगे। भरोसा दिलाने के लिए जालसाजों ने फर्जी दस्तावेज और प्रायोजन पत्र भी दिखाए, जिससे यह आयोजन पूरी तरह पेशेवर और बड़े स्तर का प्रतीत हुआ।
साझेदारी का लालच देकर ऐंठे लाखों
ठगों ने पूर्व विधायक को लीग का मुख्य भागीदार और संरक्षक बनाने का प्रस्ताव दिया। आयोजन, प्रचार और प्रबंधन के नाम पर उनसे अलग-अलग किस्तों में लाखों रुपये ले लिए गए। आरोप है कि देहरादून और हल्द्वानी के स्टेडियमों में मैच कराने की बात भी कही गई थी, लेकिन जैसे-जैसे आयोजन की तारीख नजदीक आई, कोई ठोस तैयारी नजर नहीं आई।
शक होने पर खुला फर्जीवाड़े का खेल
जब काफी समय बीत जाने के बाद भी लीग से जुड़ा कोई काम शुरू नहीं हुआ और आरोपियों के फोन बंद होने लगे, तब पूर्व विधायक को ठगी का शक हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।
एसटीएफ और साइबर सेल जांच में जुटी
मामले की जांच उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और साइबर सेल को सौंपी गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठगों ने फर्जी बैंक खातों और सिम कार्डों का इस्तेमाल किया। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे एक अंतरराज्यीय गिरोह काम कर रहा है, जो पहले भी खेल आयोजनों के नाम पर ठगी कर चुका है।
धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी की तैयारी
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि बैंक लेन-देन और डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
प्रशासन की अपील निवेश से पहले करें पुष्टि
पुलिस और प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी क्रिकेट लीग या खेल आयोजन में पैसा लगाने से पहले संबंधित खेल संघ और आधिकारिक संस्थाओं से उसकी पुष्टि जरूर करें।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “यह पूरी तरह से योजनाबद्ध ठगी का मामला है। जांच तेजी से चल रही है और आरोपियों को जल्द ही कानून के शिकंजे में लिया जाएगा।”













