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Friday, January 30, 2026
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अरुणाचल प्रदेश: होलोंगी में ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे का निर्माण तेजी से जारी, लाखों यात्रियों का सफर होगा जल्द

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राजधानी ईटानगर के हवाईअड्डे का  निर्माण तेजी से हो रहा है, इसकी क्षमता व्यस्त समय में 200 यात्रियों को संभालने की होगी। होलोंगी हवाईअड्डे को परिचालन के लिए 15 अगस्त, 2022 को शुरू करने की योजना है।

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर के लिए हवाई संपर्क के महत्व को ध्यान में रखते हुए भारतीय विमान प्राधिकरण (एएआई) ने यहां से 15 किलोमीटर दूर स्थित होलोंगी में एक ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे का निर्माण कार्य शुरू किया है। 645 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के विकास कार्यों में एयरपोर्ट फुटपाथ का निर्माण, एयर साइड कार्य, टर्मिनल बिल्डिंग और सिटी साइड कार्य शामिल हैं।

होलोंगी में ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे का निर्माण तेजी से जारी

प्रस्तावित हवाईअड्डे को ए-320 श्रेणी के विमानों के संचालन और भविष्य में रनवे के 500 मीटर लंबाई के विस्तार के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे ए-321 प्रकार के वायुयानों की जरूरत को भी पूरा किया जा सके। 4100 वर्गमीटर के क्षेत्र के वाला इस हवाई अड्डे का टर्मिनल भवन व्यस्त समय में 200 यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। वहीं, आठ चेक-इन काउंटरों से युक्त इस टर्मिनल भवन में सभी आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इस परियोजना के विकास पर तेजी से काम किया जा रहा है और लगभग 80 फीसदी एयरसाइड कार्य पूरे हो चुके हैं। नए अंतरिम टर्मिनल भवन के निर्माण का काम भी 30 फीसदी पूरा हो चुका है। इस हवाईअड्डे को परिचालन के लिए 15 अगस्त 2022 को शुरू करने की योजना है।

इसका टर्मिनल एक ऊर्जा कुशल भवन होगा, जिसमें वर्षा जल संचयन प्रणाली और स्थायी भूदृश्य का प्रावधान होगा। इसके विकास कार्यों में एटीसी टॉवर सह तकनीकी ब्लॉक, अग्निशमन स्टेशन, चिकित्सा केंद्र और अन्य सहायक कार्यों का निर्माण भी शामिल है। भवन का आवरण भी आसपास के भूदृश्य से प्रभावित है। सीधी रेखाओं और कोणों की सख्त ज्यामिति से अलग छत का रूप जैविक है और यह दर्शक के साथ तत्काल संबंध स्थापित करता है। इमारत के आंतरिक साज-सज्जा को यात्रियों के मन में शांति की एक भावना उत्पन्न करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह शांति फ्री-फ्लोइंग स्पेस, हिडन सर्विस कोर और एक शीशायुक्त आगे का हिस्सा, जो आंखों को हिमालय की तलहटी की मनोरम प्राकृतिक सुंदरता से जोड़ता है, को प्रदान करके प्राप्त किया जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे राज्य में आधुनिक बुनियादी ढांचे को विकसित करके अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण पूर्व एशिया के लिए एक प्रमुख प्रवेश द्वार में रूपांतरित करने पर जोर दिया है। इसकी राजधानी ईटानगर को जोड़ने के लिए यह हवाईअड्डा स्थानीय समुदाय की एक बहुत जरूरी आकांक्षा है, जो इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा।