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Friday, January 30, 2026
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रामपुर में बीजेपी ने रचा इतिहास, आजम खान की सल्तनत और सपा के गढ़ में बीजेपी का कब्ज़ा, पहली बार खिला कमल

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रामपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत का सेहरा भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना के सिर बंध गया है। आकाश सक्सेना ने सपा प्रत्याशी आसिम रजा को लगभग 33 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया है। वर्षों से काबिज आजम खान की सीट रामपुर पर भाजपा ने कब्जा जमा लिया है। भाजपा के आकाश सक्सेना ने सपा के असिम रजा को 33702 वोटों से हरा दिया है। आकाश सक्सेना को 80964 वोट मिले हैं जबकि सपा के आसिम रजा को 47262 वोट मिले। जीत के बाद आकाश सक्सेना ने कहा, यह सबका साथ सबका विकास मूलमंत्र की जीत है।

रामपुर पर अब पूरी तरह भाजपा का कब्जा हो गया है। 45 साल से आजम खान की सल्तनत और समाजवादी पार्टी के गढ़ में लोकसभा से लेकर विधानसभा भगवा फहर गया है। इसी के साथ आजम खान का 45 साल का सियासी सफर भी ठहर सा गया है। हेट स्पीच मामले में सजा पाने के बाद इस साल 28 अक्टूबर को अपनी विधानसभा सदस्यता गंवाने के बाद आजम खान ने इस चुनाव में अपने करीबी आसिम रजा पर दांव लगाया था। लेकिन जिस सीट से वह दस बार चुनाव जीत चुके थे, आसिम रजा वहां से हार गए। इसके पहले जब इस साल जून में आजम खान के इस्तीफे की वजह से खाली हुई रामपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था तब भी आसिम रजा ने ही सपा का मोर्चा संभाला था लेकिन गढ़ बचा पाने में नाकामयाब रहे थे।

आसिम रजा बोले-खाकी वर्दी को मुबारक हो ये जीत

रामपुर लोकसभा उपचुनाव के बाद रामपुर विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद सपा उम्मीदवार आसिम रजा ने प्रशासन पर जमकर अपना गुस्सा उतारा। आसिम ने आरोप लगाया कि करीब पौने दो लाख वोटरों को वोट नहीं देने दिया गया। उन्होंने कहा कि रामपुर के समीकरण ऐसे हैं कि यहां बीजेपी कभी नहीं जीत सकती। यह जीत खाकी वर्दी वालों को मुबारक।

जीत के बाद बोले आकाश-मुस्लिम मतदाताओं ने दिया साथ

वहीं जीत के बाद बीजेपी के आकाश सक्सेना ने कहा कि रामपुर अकेली ऐसी सीट है जहां 70 प्रतिशत मुसलमान मतदाता हैं। इस चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं ने भी बीजेपी के लिए वोट दिया है। वे आजम खान और समाजवादी पार्टी की हकीकत समझ चुके हैं। जाहिर है रामपुर में पूरी तरह भगवा फहराने के बाद बीजेपी अब आगे के लिए यहां मतदाताओं का बड़ा आधार तैयार करने में जुटेगी। देखना यह है कि आजम खान और समाजवादी पार्टी अपने इस पुराने गढ़ को फिर से हासिल करने के लिए क्या रणनीति अपनाएंगी।