
अमेरिकी टेक कंपनी Apple ने भारत में ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप Bitchat को अपने ऐप स्टोर से हटा दिया है। यह कदम इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की मांग के बाद उठाया गया है। ट्विटर (अब एक्स) के सह-संस्थापक और Bitchat के डेवलपर जैक डोर्सी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत ऐप को हटाने की मांग की थी।
IT एक्ट की धारा 69A के तहत कार्रवाई
जैक डोर्सी ने Apple की ओर से भेजे गए नोटिस का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। नोटिस में कहा गया कि ऐप में ऐसी सामग्री है, जिसे भारत में अवैध माना गया है और जो कंपनी के ऐप स्टोर समीक्षा संबंधी दिशानिर्देशों के अनुरूप नहीं है।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A केंद्र सरकार को निर्धारित कानूनी आधारों पर ऑनलाइन जानकारी तक पहुंच को अवरुद्ध करने का आदेश देने का अधिकार देती है। हालांकि, Apple के नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि Bitchat में किस विशेष सामग्री को अवैध माना गया है या मंत्रालय ने आदेश के लिए कौन-सा विशिष्ट आधार दिया है।
भारत में हटाया गया, दूसरे देशों में रहेगा उपलब्ध
Apple के नोटिस के अनुसार, Bitchat दूसरे देशों के ऐप स्टोर पर उपलब्ध रह सकता है, जहां डेवलपर ने इसे जारी रखा है। हालांकि, भारत में ऐप का टेस्टफ्लाइट संस्करण भी आंतरिक और बाहरी परीक्षण के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा।
जैक डोर्सी ने नोटिस साझा करते हुए कहा कि भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से ऐप को ऐप स्टोर से हटवा दिया है। इस कार्रवाई के बाद भारत में ऐप डाउनलोड करने की उपलब्धता प्रभावित हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में भारत में गूगल प्ले स्टोर पर भी ऐप उपलब्ध नहीं मिलने की जानकारी दी गई, लेकिन वहां इसकी अनुपलब्धता के पीछे अलग से सरकारी आदेश होने की पुष्टि नहीं हुई है।
क्या है Bitchat और कैसे करता है काम?
Bitchat एक विकेंद्रीकृत मैसेजिंग ऐप है, जिसे इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क के बिना संदेश भेजने के लिए बनाया गया है। यह ब्लूटूथ लो एनर्जी (BLE) आधारित मेश नेटवर्किंग तकनीक का इस्तेमाल करता है। इसके जरिए आसपास मौजूद फोन एक-दूसरे से जुड़कर संदेशों को आगे पहुंचा सकते हैं।
इस ऐप की खासियत यह है कि इसके इस्तेमाल के लिए मोबाइल नंबर, इंटरनेट कनेक्शन या किसी केंद्रीय सर्वर पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। ब्लूटूथ की सीमा में मौजूद डिवाइस संदेशों को एक-दूसरे तक पहुंचा सकते हैं और कई डिवाइस जुड़ने पर संदेश अधिक दूरी तक पहुंच सकते हैं। इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क बाधित होने की स्थिति में ऐसी तकनीक संचार का वैकल्पिक माध्यम बन सकती है।
पहले भी सरकारी कार्रवाई के दायरे में आया था ऐप
Bitchat इससे पहले भी भारत में सरकारी कार्रवाई का सामना कर चुका है। अक्टूबर की ताजा कार्रवाई से पहले जुलाई 2026 में ऐप से जुड़े कुछ रिपॉजिटरी को लेकर GitHub पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। उस समय भी ऐप की कार्यप्रणाली और इंटरनेट बंद होने के दौरान इसके इस्तेमाल को लेकर चर्चा हुई थी।
फिलहाल ताजा कार्रवाई के पीछे किन विशिष्ट सामग्रियों या गतिविधियों को अवैध माना गया है, इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में ऐप को हटाने के कानूनी आधार और उससे जुड़े सवालों पर आगे की स्थिति मंत्रालय के आदेश तथा संबंधित पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।













