विश्वविद्यालय में लग रहे भारत विरोधी नारे हमें आत्मावलोकन के लिए मजबूर करते हैं : मुख्यमंत्री

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उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि आज विश्वविद्यालयों में भारत विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं। ऐसे में हमें इस मूल्यांकन के लिए तैयार रहना चाहिए कि हमारी शिक्षा पाने वाले छात्रों में इस तरह की खराबी क्यों पैदा हुई? मुख्यमंत्री ने राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार मिशन प्रेरणा एवं सीएसआर कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि समाज के साथ किए गए दोष से व्यक्ति खुद को कभी अलग नहीं कर सकता है। विश्वविद्यालयों में आज भारत विरोधी नारे लग रहे हैं।

इस उदण्डता और पाप का भागी कौन है? योगी ने कहा कि सरकारें संसाधन दे सकती हैं, लेकिन जिसने उन्हें बेसिक शिक्षा दी है, जिसने उन्हें माध्यमिक शिक्षा दी है और जो उन्हें वहां तक ले कर गया है, आज उन सभी को अपने कार्यों का मूल्यांकन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब देश के संसाधनों पर पलने वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में भारत विरोधी नारे लगते हैं, तो हमें इस मूल्यांकन के लिए तैयार होना चाहिए कि हमारे पढ़ाए गए छात्रों में इस प्रकार की विकृति क्यों पैदा हुई? जिस भारत की एकता और अखंडता की शपथ लेकर हम कार्य करते हैं आज उसी के विखंडन के नारे लगाए जा रहे हैं।

ऐसी दशा में उन शिक्षकों पर प्रश्न खड़े होने लगते हैं,जिन्हें समाज में ईश्वर के समान माना जाता है। योगी ने कहा कि शिक्षक सरकारी नौकर नहीं, राष्ट्र का भाग्य विधाता होता है। चाणक्य को अपना आदर्श मानते हुए शिक्षकों को उनसे सीखना चाहिए। अगर चाणक्य खुद को नालंदा विश्वविद्यालय तक ही सीमित कर देते, तो उस कालखंड में वह भारत को दुनिया की एक महाशक्ति के रूप में स्थापित नहीं कर पाते। शिक्षक को समाज की चुनौती और आवश्यकता के अनुरूप खुद को तैयार करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ से संबंधित सूचना के प्रचार-प्रसार के लिए एलईडी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इसके साथ ही 788 करोड़ रुपये से 350 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के उच्चीकरण के लिए भवनों का शिलान्यास किया। कक्षा आठ तक संचालित होने वाले इन आवासीय विद्यालयों में अब बालिकाएं 12वीं तक पढ़ाई कर सकेंगी। योगी ने कहा कि आज से तीन वर्ष पहले जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी, तब प्रदेश में चारों ओर अव्यवस्था एवं अराजकता का माहौल था। उसमें बेसिक शिक्षा की स्थिति काफी खराब थी। जिसमें सबसे खराब स्थिति प्रॉक्सी टीचर की थी। हमारी सरकार ने पहले चरण में प्रॉक्सी टीचर पर रोक लगाने की कार्रवाई प्रारम्भ की। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े 1 लाख 58 हजार से अधिक विद्यालयों के बुनियादी ढांचागत विकास के लिए ऑपरेशन कायाकल्प की योजना शुरू की गई थी।

इस योजना के तहत 92 हजार से अधिक विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं से लैस किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की। आज इस अभियान के माध्यम से 50 लाख नये बच्चे बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में बढ़े हैं। मिशन प्रेरणा में लर्निंग आउट कम और सपोर्टिव सुपरविजन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत मुख्यमंत्री योगी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 शिक्षाग्रहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चार पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया।