17.6 C
New York
Friday, January 30, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home news आंध्र प्रदेश ONGC के तेल कुएं में भीषण आग, गैस रिसाव के...

आंध्र प्रदेश ONGC के तेल कुएं में भीषण आग, गैस रिसाव के बाद मचा हड़कंप

7

आंध्र प्रदेश के डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोणसीमा जिले में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) के एक तेल कुएं में गैस रिसाव के बाद भीषण आग लग गई। यह हादसा पशुपतिलंका गांव के पास उस समय हुआ, जब कुएं पर ड्रिलिंग या रखरखाव से जुड़ा कार्य चल रहा था। आग की लपटें इतनी ऊंची हैं कि उन्हें कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता है। घटना की सूचना मिलते ही ONGC के विशेषज्ञों की टीम और दमकल विभाग के दस्ते मौके पर पहुंच गए। आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

कैसे हुआ हादसा?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेल कुएं से उच्च दबाव के साथ अचानक गैस का रिसाव शुरू हुआ, जिसने कुछ ही पलों में आग का रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने पूरे रिग क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, सतर्कता बरतते हुए मौके पर मौजूद सभी कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

राहत और बचाव कार्य तेज

आग की गंभीरता को देखते हुए इलाके में सुरक्षा घेरा बना दिया गया है। ONGC की क्राइसिस मैनेजमेंट टीम (CMT) को राजमुंदरी और काकीनाडा से मौके पर बुलाया गया है। आग बुझाने के लिए भारी मात्रा में पानी और विशेष रसायनों (फोम) का उपयोग किया जा रहा है। एहतियात के तौर पर आसपास की बस्तियों को खाली करा लिया गया है और बिजली आपूर्ति भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।

प्रशासन पूरी तरह सतर्क

जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, मुख्य चुनौती गैस के निरंतर रिसाव को रोकना है, क्योंकि जब तक रिसाव बंद नहीं होगा, आग को पूरी तरह बुझाना संभव नहीं है। ग्रामीणों को कुएं के आसपास न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

गैस रिसाव और आग के कारण आसपास के नारियल बागानों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों ने धुएं से वायु गुणवत्ता पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की है। ONGC अधिकारियों ने बताया कि आग पर नियंत्रण के बाद घटना के कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच की जाएगी।

यह घटना 1990 के दशक में हुए चर्चित ‘पासालापुडी अग्निकांड’ की याद दिलाती है, जिसे काबू में करने में कई सप्ताह लगे थे। हालांकि, ONGC का दावा है कि आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीमों की मदद से इस बार हालात पर जल्द नियंत्रण पा लिया जाएगा।