राहुल गांधी के मानहानि केस में अमेरिका की नजर, विदेश विभाग ने दिया यह बयान

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अमेरिका ने भारतीय अदालतों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मामले में नजर बना रखी है. अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि कानून और शासन और न्यायिक स्वतंत्रता के लिए सम्मान किसी भी लोकतंत्र की आधारशिला है. इस मामले को हम भारतीय अदालतों में देख रहे हैं.

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने सोमवार को कहा कि अमेरिका भारतीय अदालतों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मामले को देख रहा है. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि अमेरिका अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मानवाधिकारों की सुरक्षा और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर भारत के साथ है.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कानून के शासन और न्यायिक स्वतंत्रता के लिए सम्मान किसी भी लोकतंत्र की आधारशिला है. हम राहुल गांधी के मामले को भारतीय अदालतों में देख रहे हैं. एक सवाल के जवाब में पटेल ने कहा कि जहां अमेरिका के द्विपक्षीय संबंध हैं, वहां किसी भी देश में विपक्षी दलों के सदस्यों के साथ जुड़ना सामान्य है.

सूरत की सेशंस कोर्ट ने राहुल गांधी को कर्नाटक में एक चुनावी रैली के दौरान ‘मोदी सरनेम’ टिप्पणी पर मानहानि केस में 23 मार्च को दो साल कैद की सजा सुनाई थी. इस मामले में राहुल के खिलाफ सूरत पश्चिम से बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने मानहानि का केस दर्ज कराया था. दोषी ठहराए जाने के एक दिन बाद लोकसभा से उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया.

अयोग्य घोषित होने के तीन दिन बाद विपक्षी दलों ने नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अपना हमला तेज कर दिया और सोमवार को “लोकतंत्र के लिए काला दिवस” ​​​​मनाया. वहीं बीजेपी ने संसद में विपक्ष के हंगामे की निंदा की. कांग्रेस पर ओबीसी समुदाय के खिलाफ गांधी की टिप्पणी को सही ठहराने के लिए निम्न स्तर की राजनीति करने का आरोप लगाया.

वहीं वेदांत पटेल ने भारत के राजदूत और पत्रकार पर खालिस्तानी समर्थकों द्वारा किए गए हमले पर कहा, अमेरिका में राजनयिक सुविधाओं और कर्मियों के खिलाफ हिंसा या हिंसा की धमकी चिंता का विषय है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हम इन सुविधाओं और उनके भीतर काम करने वाले राजनयिकों की सुरक्षा के लिए सभी उचित कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसके अलावा पत्रकारों पर भी हमले स्वीकार्य नहीं हैं.

राहुल गांधी ने कर्नाटक में 13 अप्रैल 2019 को चुनावी रैली में कहा था कि नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी का सरनेम कॉमन क्यों है? सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है? इसके बाद बीजेपी विधायक ने मानहानि का केस करते हुए आरोप लगाया था कि राहुल ने 2019 में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पूरे मोदी समुदाय को कथित रूप से यह कहकर बदनाम किया कि सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है? उनके इस बयान से हमारी और समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची. पूर्णेश भूपेंद्र पटेल सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री थे. वे दिसंबर में सूरत से दोबारा विधायक चुने गए हैं. मामले की सुनवाई पर कोर्ट ने राहुल को मानहानि केस में IPC की धारा 499 और 500 के तहत दोषी करार दिया गया है.

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