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Wednesday, February 4, 2026
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इजराइल-ईरान टकराव के बीच अमेरिका की बड़ी सैन्य तैयारी, मिडिल ईस्ट में भेजे लड़ाकू विमान

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पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव अब युद्ध में बदलने की कगार पर है। अमेरिका ने साफ संकेत दे दिए हैं कि उसका धैर्य खत्म हो रहा है। इसी कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में जारी G-7 सम्मेलन को बीच में छोड़कर अचानक वॉशिंगटन लौटने का निर्णय लिया और एक कड़े संदेश में कहा कि ईरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण करना होगा।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच मध्य पूर्व में F-16, F-22 और F-35 जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों की तैनाती शुरू कर दी है। तीन अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ये तैनातियां रक्षात्मक हैं, लेकिन अमेरिका के इरादों को स्पष्ट करती हैं। ये विमान मुख्य रूप से ईरान से आने वाले ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के काम में लिए जाएंगे।

ट्रंप की तीखी चेतावनी

ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, “हर किसी को तुरंत तेहरान छोड़ देना चाहिए। ईरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण करना होगा। अयातुल्ला खामेनेई अभी नहीं मारे जाएंगे, लेकिन हमें पता है वह कहां हैं। वह एक आसान लक्ष्य हैं।”

ट्रंप के इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने भी कहा कि खामेनेई का अंजाम सद्दाम हुसैन जैसा हो सकता है।

तेहरान में अफरातफरी

अमेरिकी दबाव और युद्ध की आशंका के बीच ईरान की राजधानी तेहरान में दहशत का माहौल है।

लोग शहर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं

कैस्पियन सागर की ओर जाने वाली सड़कों पर भीषण जाम

ग्रैंड बाजार बंद, पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें

खाने-पीने की चीजों की भारी किल्लत

डॉक्टरों और नर्सों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं

एक स्थानीय नागरिक ने कहा, “ऐसा लग रहा है जैसे शहर खाली हो चुका है। लोग बुरी तरह घबराए हुए हैं।”

संचार माध्यमों पर रोक

ईरानी सरकार ने सरकारी अधिकारियों और उनके अंगरक्षकों को मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, लैपटॉप और अन्य नेटवर्क से जुड़े उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। यहां तक कि आम लोगों को WhatsApp अनइंस्टॉल करने की सलाह दी गई है। आशंका है कि इजरायल इन माध्यमों से लोकेशन ट्रैक करके हमले कर सकता है।

ईरान सरकार का दावा है कि सबकुछ नियंत्रण में है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है। अमेरिका की ओर से युद्धक विमानों की तैनाती और तेहरान में भय के माहौल ने यह साफ कर दिया है कि हालात बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच चुके हैं।