
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) की 10वीं परीक्षा के नतीजों में इस बार बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता की नई मिसाल कायम की है। शीर्ष चार स्थानों में से तीन पर छात्राओं ने कब्जा जमाकर यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती।
इस साल सबरिन परवीन (वैशाली) और पुष्पांजलि कुमारी (जमुई) ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। वहीं, नाहिद सुल्ताना (बेगूसराय) दूसरे स्थान पर रहीं। तीसरे स्थान पर अनुपा कुमारी (बक्सर) और ओंकार कुमार (बेगूसराय) संयुक्त रूप से रहे, जबकि चौथे स्थान पर ज्योति कुमारी (समस्तीपुर) ने जगह बनाई।
संघर्ष से सफलता तक
संयुक्त टॉपर सबरीन परवीन की सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और संघर्ष की कहानी है। उनके पिता टायर पंचर की छोटी-सी दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद सबरीन ने अपने लक्ष्य तय कर नियमित पढ़ाई के दम पर यह मुकाम हासिल किया।
सबरिन का सपना डॉक्टर बनने का है। उन्होंने कहा कि उन्होंने घंटों पढ़ाई करने के बजाय रोजाना छोटे-छोटे लक्ष्य तय किए, जिससे उन्हें सफलता मिली।
चाय वाले की बेटी ने भी किया कमाल
वहीं, समस्तीपुर की ज्योति कुमारी ने भी चौथा स्थान हासिल कर सबका दिल जीत लिया। उनके पिता प्रदीप राय एक साधारण चाय की दुकान चलाते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद ज्योति ने अपनी मेहनत से यह उपलब्धि हासिल की।
ज्योति ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया और कहा कि उनके सहयोग के बिना यह संभव नहीं था।
बेटियों ने रचा इतिहास
इस बार के नतीजों ने एक बार फिर यह साबित किया है कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनका यह प्रदर्शन न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज के लिए एक मजबूत संदेश भी है कि अवसर मिलने पर बेटियां किसी से कम नहीं हैं।













