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Friday, April 3, 2026
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CBSE ने शुरू की 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा की प्रक्रिया, 18 से 31 मार्च तक जमा होगी LOC

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Central Board of Secondary Education (सीबीएसई) ने कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (एलओसी) जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड के अनुसार स्कूल 18 मार्च से 31 मार्च तक पहले चरण में एलओसी जमा कर सकेंगे।

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू दो बार बोर्ड परीक्षा प्रणाली के अनुसार अब छात्रों को एक ही शैक्षणिक वर्ष में दो बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा। दूसरी परीक्षा मई में आयोजित की जाएगी, जिसमें छात्र अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं।

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि एलओसी केवल उन्हीं छात्रों के लिए भरी जाएगी जो दूसरी परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं। इससे बोर्ड को पहले से यह जानकारी मिल सकेगी कि कितने छात्र और किन विषयों में परीक्षा देंगे।

बोर्ड ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा प्रक्रिया, पात्रता और फीस से जुड़ी पूरी जानकारी दें। साथ ही यह भी बताया गया है कि परीक्षा केंद्र सीमित हो सकते हैं, इसलिए सभी छात्रों को नजदीकी केंद्र मिलने की गारंटी नहीं होगी।

एलओसी जमा करने की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी। पहला चरण 18 से 31 मार्च तक चलेगा, जबकि दूसरे और तीसरे चरण में लेट फीस के साथ आवेदन करने का अवसर मिलेगा। फीस जमा करने की अंतिम समय सीमा रात 11:59 बजे तय की गई है।

बोर्ड के अनुसार दूसरी परीक्षा में वही छात्र शामिल हो सकेंगे जिन्होंने पहली बोर्ड परीक्षा दी हो। छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा विषयों में से अधिकतम तीन विषयों में सुधार कर सकते हैं।

इसके अलावा, जो छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहे हैं, वे दूसरी परीक्षा के पात्र नहीं होंगे। ऐसे छात्रों को अगले वर्ष मुख्य परीक्षा में शामिल होना होगा। कंपार्टमेंट वाले छात्र दूसरी परीक्षा में कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत शामिल हो सकते हैं।

सिटी कोऑर्डिनेटर और विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने बताया कि पहली और दूसरी परीक्षा के बीच छात्रों के डाटा में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। सामान्य परिस्थितियों में विषय बदलने की अनुमति भी नहीं होगी, केवल गणित के विशेष मामलों में ही छूट दी जा सकती है।

बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि इंटरनल असेसमेंट में सुधार की कोई सुविधा नहीं होगी, क्योंकि यह पूरे सत्र के दौरान किए गए मूल्यांकन पर आधारित होता है।