
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के दूसरे दिन लोकसभा में तीखी बहस देखने को मिली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष और विशेष रूप से राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला। रिजिजू ने पुराने संसदीय उदाहरण और आंकड़ों का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया और अध्यक्ष की निष्पक्षता का बचाव किया।
आडवाणी के अनुशासन का दिया उदाहरण
सदन में बोलते हुए किरेन रिजिजू ने नवंबर 2004 की एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस समय विपक्ष में रहते हुए भाजपा सांसद ‘अफजल गुरु को फांसी दो’ के नारे लगाते हुए सदन के बीच में जाने की कोशिश कर रहे थे।
रिजिजू ने कहा कि उस वक्त तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष लाल कृष्ण आडवाणी ने अपनी ही पार्टी के सांसदों को कड़ी फटकार लगाई थी और उन्हें अपनी सीट से ही विरोध दर्ज कराने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि आज सदन की मर्यादाएं टूटती नजर आ रही हैं और कुछ सदस्य सीधे प्रधानमंत्री के सामने जाकर नारेबाजी करते हैं।
राहुल गांधी पर निशाना
रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर भी सवाल उठाए जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें सदन में बोलने का मौका नहीं दिया जाता।उन्होंने कहा कि संसद के नियमों के अनुसार किसी भी सदस्य को बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को राहुल गांधी को यह समझाना चाहिए कि वे खुद को संविधान और स्पीकर से ऊपर न समझें। रिजिजू ने यह भी कहा कि कुछ लोग खुद को अत्यधिक ज्ञानी मानते हैं और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना भूल जाते हैं।
आंकड़ों के जरिए विपक्ष को जवाब
विपक्ष के भेदभाव के आरोपों को खारिज करते हुए रिजिजू ने लोकसभा की कार्यवाही के आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने बताया कि 18वीं लोकसभा में अब तक 93 प्रतिशत से अधिक कार्य उत्पादकता दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि स्पीकर ओम बिरला ने सत्ता पक्ष को 321 सवाल पूछने का मौका दिया, जबकि विपक्ष को 362 सवाल पूछने का अवसर मिला। उनके मुताबिक ये आंकड़े बताते हैं कि विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा संसद का मान
रिजिजू ने कहा कि ओम बिरला के नेतृत्व में भारतीय संसद की प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर बढ़ी है। उनके प्रयासों से 64 देशों का फ्रेंडशिप ग्रुप बनाया गया है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं ओम बिरला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि Narendra Modi के मार्गदर्शन में संसद की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम किया गया है।













