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Sunday, January 18, 2026
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भारत-चीन सीमा पर भारी बर्फबारी, पूर्वी राज्यों में चक्रवाती तूफान का कहर जन-जीवन ठप

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भारत-चीन सीमा से सटे पहाड़ी इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में हुई भारी बर्फबारी से सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने कहर बरपाया है, जिससे परिवहन, बिजली और संचार सेवाएं ठप हो गई हैं।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सिक्किम और उत्तरी अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में तीन से चार फीट तक बर्फ जम चुकी है। नाथुला और लाचुंग जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सड़कें पूरी तरह बंद हैं। सीमा पर तैनात सैनिकों को कड़ाके की ठंड और फिसलन भरे रास्तों से जूझना पड़ रहा है।

सिक्किम प्रशासन ने हालात को गंभीर देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। सरकार ने पर्यटकों से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की अपील की है। राहत और बचाव दलों को चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि आपात सेवाओं और स्वास्थ्य टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

उधर, बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान मोंथा अब पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में तबाही मचा रहा है। कई जिलों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। ओडिशा के पुरी और गंजाम जिलों में समुद्र तट पर ऊंची लहरें उठने से मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।

कोलकाता और भुवनेश्वर हवाई अड्डों से कई उड़ानें रद्द या विलंबित की गई हैं। कई क्षेत्रों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत कार्य में जुटी हैं।

आईएमडी ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे तक पूर्वोत्तर, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। वहीं, लद्दाख और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में ठंड और बढ़ने के आसार हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तीव्र मौसम परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘मोंथा’ के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है।