
वेलनेस टूरिज्म को नई पहचान देने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में अब रिजॉर्ट की तर्ज पर आधुनिक नेचुरोपैथी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जहां योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा का एकीकृत उपचार मिलेगा। आयुष विभाग के अनुसार, यह पहल न केवल स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
पहले चरण में चार जिलों में बनेंगे आधुनिक अस्पताल
योजना के तहत पहले चरण में नैनीताल, हरिद्वार, अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर में चार नेचुरोपैथी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। ये 50 से 100 बेड की क्षमता वाले होंगे, जहां प्राकृतिक जल स्रोतों, जड़ी-बूटियों और योग केंद्रों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। अस्पतालों में स्टीम बाथ, मड थेरेपी, एक्यूप्रेशर, डिटॉक्स प्रोग्राम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मरीजों और पर्यटकों को हिल व्यू, स्पा और शांत वातावरण के साथ रिजॉर्ट जैसा अनुभव मिलेगा।
200 करोड़ का बजट, छह महीने में शुरू होगा निर्माण
राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से इस परियोजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च करेगी। निर्माण कार्य अगले छह महीनों में शुरू होने की संभावना है। अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात होगी और ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
5 लाख पर्यटक, 5000 रोजगार के अवसर
पर्यटन विभाग के अनुमान के अनुसार, इस योजना से हर साल 5 लाख वेलनेस पर्यटकों के उत्तराखंड आने की संभावना है, जिससे 5000 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। स्थानीय हर्बल किसानों, योग गुरुओं और पारंपरिक चिकित्सकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
स्वस्थ भारत की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा के साथ प्राकृतिक उपचार को जोड़कर राज्य “स्वस्थ भारत” के लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि यह परियोजना आयुष मिशन के तहत संचालित होगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका प्रचार किया जाएगा।
कोविड के बाद बढ़ी स्वास्थ्य जागरूकता के बीच यह योजना उत्तराखंड को वेलनेस टूरिज्म के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।













