
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार नीति में एक बड़ा बदलाव करते हुए कई देशों पर नए टैरिफ़ लगाए हैं। व्हाइट हाउस ने इसकी आधिकारिक सूची जारी करते हुए बताया कि इन नए आयात शुल्कों का उद्देश्य अमेरिका की घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और व्यापार संतुलन स्थापित करना है।
भारत पर 26% टैरिफ़, पड़ोसी देशों पर अलग-अलग दरें
इस सूची के अनुसार, भारत पर 26% टैरिफ़ लगाया गया है, जबकि पड़ोसी देशों पर अलग-अलग शुल्क दरें तय की गई हैं। इनमें चीन पर 34%, पाकिस्तान पर 29%, बांग्लादेश पर 37%, और म्यांमार व श्रीलंका पर 44% टैरिफ़ लगाया गया है।
यूरोपीय संघ (ईयू) से आयातित वस्तुओं पर 20% टैरिफ़ लगाया गया है। वहीं, अमेरिका के उत्तरी पड़ोसी कनाडा और मेक्सिको से आने वाले सामान पर 25% टैरिफ़ लगाया गया है। इसके अलावा, कनाडा से ऊर्जा संबंधी उत्पादों के आयात पर 10% शुल्क तय किया गया है।
चीन पर टैरिफ़ में फिर हुआ इज़ाफ़ा
इससे पहले, 4 फरवरी को अमेरिका ने चीन से आयातित सामान पर 10% टैरिफ़ लगाया था, जिसे 4 मार्च को बढ़ाकर 20% कर दिया गया। अब 34% टैरिफ़ लागू होने से चीन पर व्यापारिक दबाव और बढ़ सकता है।
व्यापारिक जगत में हलचल
ट्रंप प्रशासन की इस घोषणा के बाद वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कई देशों के साथ अमेरिका के व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। वहीं, भारतीय उद्योग जगत भी इस नए टैरिफ़ का आकलन कर रहा है कि इससे भारत-अमेरिका व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
क्या होगा असर?
अमेरिका द्वारा लगाए गए इन नए टैरिफ़ से अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन पर गहरा असर पड़ सकता है। कई देशों के निर्यातकों को अतिरिक्त लागत का सामना करना पड़ेगा, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो सकती है। अब देखना होगा कि भारत और अन्य देश इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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