UP: सूखे की स्थिति में राहत देंगी सराकर की दो योजनाएं

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सूखे की स्थिति में समस्याओं के निराकरण हेतु हल निकाला है। सरकार बिना किसी विलम्ब के पूरी तैयारी के साथ सामना करने के लिए दो प्रकार की कार्य योजनाएं बनाई हैं। प्रथम दीर्घकालिक योजना और दूसरी तात्कालिक उपाय। इन कार्य योजनाओं के तहत से राहत प्रदान करके सूखे के प्रभाव को कम किया जायेगा।
अपर मुख्य सचिव राजस्व चंचल कुमार तिवारी ने बताया कि मानसून अवधि में कम वर्षा होने की स्थिति में सूखे की संभावना हो सकती है। जिससे जायद एवं खरीफ की फसलों के लिए सिंचाई, लोगों के लिए पेयजल और विभिन्न बीमारियों तथा पशुओं के लिए पेयजल और चारे के साथ-साथ विभिन्न बीमारियों की समस्या हो सकती हैं। इन समस्याओं के निराकरण हेतु तत्काल, जनपद की सूखा प्रबंधन योजना तैयार की जायेगी। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों तथा मण्डलायुक्तों को निर्देश जारी कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सूखे की स्थिति में आपदा राहत निधि का उपयोग विभागीय योजनाओं के संवर्धन, विस्तार या अनुरक्षण के लिए नहीं किया जा सकता है। आपदा आने की स्थिति में निर्धारित मदों में ही आपदा राहत निधि से धनराशि व्यय करने की मंजूरी दी गई है। प्रमुख सचिव ने समस्त मण्डलायुक्तों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सूखे पदार्थों की अधिकता के कारण आग लगने की सम्भावनाओं में भी वृद्धि होती है, जिससे जीवन, आवास, पशु तथा फसल की हानि होती है। इसलिए यह आवश्यक है कि अग्निकाण्ड न्यूनीकरण के प्रति आम लोगों को जागरूक बनाया जाये एवं आवश्यकता पड़ने पर अग्निशमन सेवाओं का तत्काल उपयोग करने के लिए इसकी व्यवस्था पहले से ही कर ली जाए। अग्निकाण्ड प्रभावित व्यक्तियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित किये गये मानक के अनुसार समय से राहत सहायता उपलब्ध करायी जाये। समय से पर्याप्त वर्षा न होने अर्थात् सूखे की स्थिति उत्पन्न होने की दशा में इसका जायद एवं खरीफ की फसलों पर पड़ रहे प्रभाव की पूर्ण सतर्कता के साथ सत्त समीक्षा की जाये। इस कार्य में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों का विशेषज्ञ परामर्श एवं सहयोग भी प्राप्त किया जाए।