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Wednesday, February 4, 2026
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भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ती शत्रुता पर संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष की चिंता, दोनों देशों से संयम बरतने की अपील

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संयुक्त राष्ट्र ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत द्वारा पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई जवाबी सैन्य कार्रवाई के एक दिन बाद, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के अध्यक्ष फिलेमोन यांग ने भारत और पाकिस्तान के बीच तेजी से बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने दोनों देशों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की राह अपनाने की अपील की है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष की अपील

फिलेमोन यांग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर कहा, “मैं भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ती शत्रुता को लेकर बेहद चिंतित हूं। मैं दोनों पक्षों से अधिक से अधिक संयम बरतने और तत्काल तनाव कम करने की अपील करता हूं।”

उन्होंने कहा कि स्थायी शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का अक्षरशः पालन बेहद आवश्यक है। यांग ने आतंकवाद और नागरिकों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि सिर्फ बातचीत और कूटनीति ही मतभेदों को सुलझाने का एकमात्र रास्ता है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद LoC पर बेकाबू हालात

भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और POK में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इन ठिकानों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के गढ़ शामिल थे।

पाकिस्तान की सेना ने दावा किया है कि इन हमलों में 31 लोग मारे गए और 57 घायल हुए हैं। इसके जवाब में पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LOC) पर स्थित भारतीय अग्रिम गांवों पर भीषण गोलाबारी और मोर्टार हमला किया, जिसमें अब तक 13 भारतीय नागरिक, जिनमें 4 बच्चे और 1 सैनिक शामिल हैं, मारे जा चुके हैं और 57 अन्य घायल हुए हैं।

शांति के लिए बातचीत की वकालत

UNGA अध्यक्ष ने दोनों देशों से आग्रह किया कि वे सभी नागरिक और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने से बचें और आतंकी हमलों की कड़ी निंदा करें। उन्होंने कहा, “मैं एक बार फिर सभी आतंकवादी हमलों और नागरिकों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे के खिलाफ हमलों की निंदा करता हूं।”

भारत सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह हमला पूरी तरह पहलगाम हमले का प्रतिशोध है और इसका उद्देश्य आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था, न कि किसी देश के खिलाफ युद्ध छेड़ना। हालांकि अब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार तनाव कम करने की अपील कर रहा है।

स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और वैश्विक समुदाय की निगाहें भारत-पाकिस्तान सीमा की ओर टिकी हुई हैं।