17.6 C
New York
Friday, January 30, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home news twitter को पसंद नहीं उत्तराखंड सूचना विभाग की जानकारियां? सीएम दौरे समेत...

twitter को पसंद नहीं उत्तराखंड सूचना विभाग की जानकारियां? सीएम दौरे समेत ज्यादातर जानकारियां संवेदनशील घोषित

4

सीएम तीरथ सिंह रावत के अस्पताल निरिक्षण को ट्विटर ने बताया संवेदनशील। सोशल मीडिया पर उत्तराखंड सरकार की फजीहत करता ट्वीटर

ट्विटर का भारत सरकार से प्रेम द्वंद सर्वमान्य है, लेकिन उत्तराखंड सूचना विभाग द्वारा दी गई जानकारियों को जिस प्रकार ट्विटर संवेदनशील घोषित कर उनमें दी जा रही महत्वपूर्ण सर्वजनहिताय जानकारियों को छिपा रहा है, उससे ट्विटर प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लाजमी हैं।

हाल में इंडिया ग्राम न्यूज की टीम ने जब उत्तराखंड सरकार के आधिकारिक सूचना विभाग के ट्वीटर हैंडर @DIPR_UK के ट्विटर को चैक किया तो पाया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा दी गई ज्यादातर जानकारियों को संवेदनशील बताकर ट्विटर लगातार उन्हें छिपा रहा है।

Twitter declare Uttarakhand Govt DIRP images are sensitives

जानकारों की मानें तो ऐसा ट्विटर के एआई सिस्टम द्वारा किया जाता है, जिसमें वो गलत जानकारी वाले या जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले ट्वीट्स और तस्वीरों को ब्लॉक करता है, तो आखिर उत्तराखं सरकार द्वारा दी जा रही जन हित की जानकारियों को ट्विटर क्यों छिपा रहा है? इसपर सवाल उठने लाजमी हैं

क्या Twitter का Artificial Intelligence का रोबोट हिन्दी पढ़ना नहीं जानता और अर्थ का अनर्थ निकाल देता है।

क्या Twitter के आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस को उत्तराखंड सीएम तीरथ सिंह रावत की तस्वीरों में खून-खराबा दिखाई दिया ?

अब हम आपको दिखाते हैं कि उत्तराखंड सीएम की जिन तस्वीरों को ट्विटर ने संवेदनशील या जन भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला मानकर दिखाना बंद कर दिया है उनमें असल में क्या है –

इन तस्वीरों में आप स्पष्ट देख सकते हैं कि सीएम अस्पताल का निरीक्षण कर रहे हैं। कहीं, कोई खून खराबे वाली बात तक नहीं है, तो आखिर क्यों Twitter ने उत्तराखंड सीएम की तस्वीरों को छिपा दिया?

ट्विटर के इस पोस्ट का लिंक –

सूचना विभाग उत्तराखंड के ट्वीट का लिंक- https://twitter.com/DIPR_UK/status/1399330139658465280 है।

ऐसे में सवाल अब उत्तराखंड सरकार से भी है कि अगर वह सोशल मीडिया पर अपने ही सूचना विभाग की जानकारियों को ट्विटर से आजाद नहीं करवा सकता, तो जनता को सोशल मीडिया पर न्याय कैसे दिलवाएगा ?