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तो ऐसे शुरु हुई थी करवा चौथ के व्रत की प्रथा, पढ़िए पूरी कहानी

नई दिल्ली– आज पूरे देश में करवा चौथ की धूम है। आज सभी विवाहित महिलाएं अपने पति के लिए व्रत रखकर ‘मां’ से लंबी उम्र की कामना करती है। आज का दिन हर सुहागन के लिए पवित्र माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि करवा चौथ के दिन विवाहित महिलाएं जो भी ‘पार्वती मां’ से मांगती है, उसे ‘मां’ जरुर सुनती है और मनोकामना पूर्ण करती है। कई बॉलीवुड एक्ट्रेस आज पहली बार अपने पति के लिए करवा चौथ का व्रत रखेंगी। इन बॉलीवुड सितारों के करवा चौथ पर आज सबकी नजरें टीकी हुई हैं।

पढ़िए ‘करवा चौथ’ की पूरी कहानी

ऐसा माना जाता है कि वर्षों पहले एक साहूकार अपने सात लड़कों और एक लड़की के साथ रहता था। साहुकार की पत्नी सहित घर की सभी बहुओं और लड़की ने करवा चौथ का व्रत रखा था। जब दोपहर को सब खाना खाने लगे तो भाईयों ने अपनी बहन से पूछा कि वो खाना क्यों नहीं खा रही है तो बहन ने कहा कि आज उसका करवा चौथ का व्रत है। रात होते-होते भूख की वजह से बहन की तबीयत खराब होती चली गई, तो एक भाई से उसकी ये हालत नहीं देखी गई, इसलिए उसने एक दीपक जलाकर उसे छलनी की ओट में रख दिया, ताकि ऐसा लगे कि चांद निकल गया है। बहन दीपक को अर्घ्‍य चांद समझकर अपना व्रत तोड़कर खाना खाने लग गई।

जैसे ही वह खाने पर बैठी, मानों जैसे उस पर मुसीबतों का पहाड़ टूटने लगा। एक-एक टुकड़ा मुंह में डालते ही उसके साथ बुरा होना शुरु हो गया। पहले उसे छींक आती है, जैसे ही वह दूसरा टुकड़ा खाने लगती है तो उसके टुकड़े में बाल आ जाता है और तीसरे टुकड़े के साथ ही उसके पति की मौत हो जाती है।

पति की मौत के बाद उसकी भाभी उसे सच्चाई बताती है कि जिसे वह चांद समझ रही थी, वह दीपक की रोशनी थी। इन सब बातों को सुनकर करवा निर्णय लेती है वह अपने पति को पुनर्जीवन दिलाकर रहेगी। वह अगले करवा चौथ का इंतजार करती है, आखिर एक साल बाद करवा चौथ आता है, वह पूरा दिन व्रत रखती है और चांद निकलने के बाद सुहागिनों से कहती है कि उसे भी अपने जैसे सुहागिन बना लो, पर सब मना कर देती हैं। पर आखिर में एक सुहागिन उसकी यह बात मान लेती है और इस तरह से उसका करवा चौथ का व्रत पूरा हो जाता है और उसके पति को नए जीवन का आर्शिवाद मिल जाता है।