
रिलायंस रिटेल दुनिया की सबसे मूल्यवान निजी स्टार्टअप कंपनियों की वैश्विक सूची में सातवें स्थान पर पहुंच गई है। स्टैनफर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस की रिसर्च के अनुसार, 100 अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन के साथ कंपनी ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शीर्ष 100 कंपनियों की सूची में भारत की तीन कंपनियां शामिल हैं, जिनमें रिलायंस रिटेल सबसे आगे रही।
रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस रिटेल का मूल्यांकन 100 अरब डॉलर से अधिक है, जिसके चलते यह दुनिया की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल हो गई है जिन्हें ‘हेक्टाकॉर्न’ कहा जाता है। यह श्रेणी उन कंपनियों के लिए होती है जिनकी वैल्यूएशन 100 अरब डॉलर के पार होती है। खास बात यह है कि शीर्ष सात कंपनियों में रिलायंस रिटेल खुदरा क्षेत्र की एकमात्र कंपनी है।
कंपनी में कतर निवेश प्राधिकरण, अबू धाबी निवेश प्राधिकरण, केकेआर, सिल्वरलेक, जीआईसी, टीपीजी और मुबाडाला जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों ने निवेश किया है। इसी निवेश के आधार पर कंपनी का मूल्यांकन तय किया गया है। यह रैंकिंग स्टैनफर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस की वेंचर कैपिटल पहल की रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें जनवरी 2026 तक के आंकड़ों को शामिल किया गया है।
सूची में पहले तीन स्थान पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र की कंपनियां—ओपनएआई, स्पेसएक्स और एंथ्रोपिक—शामिल हैं, जो वैश्विक निवेश में तकनीकी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती हैं। भारत की अन्य कंपनियों में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज 24 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ 27वें स्थान पर है, जबकि टाटा ईवी मोबिलिटी 9 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ 93वें स्थान पर रही। रिपोर्ट के अनुसार, इस सूची में अमेरिका की 65 कंपनियां शामिल हैं, जबकि चीन की 21 कंपनियां हैं। भारत और ब्रिटेन की तीन-तीन कंपनियों ने सूची में जगह बनाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस रिटेल की यह उपलब्धि वैश्विक खुदरा बाजार में भारत की मजबूत होती स्थिति को दर्शाती है और आने वाले समय में भारतीय कंपनियों की भूमिका और बढ़ सकती है।













