17.6 C
New York
Wednesday, February 25, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home news प्रयागराज में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, महिलाओं को मिला सरकारी योजनाओं...

प्रयागराज में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, महिलाओं को मिला सरकारी योजनाओं का लाभ

5
पीएम मोदी ने कहा हमारी योजनाओं ने यूपी की महिलाओं का जीवन बदलना शुरू कर दिया है-

1.यूपी ने टेक होम राशन, जच्चा-बच्चा को दिये जाने वाले पोषण को तैयार करने की ज़िम्मेदारी भी महिलाओं के हाथों में सौंपी है। ये पोषण वाला राशन और आहार अब सेल्फ हेल्प ग्रुप में साथ मिलकर महिलाएं खुद बनाएँगी। ये भी बहुत बड़ा काम है, सालाना हजारों करोड़ रुपए का काम है। जिन 202 पुष्टाहार उत्पादन यूनिट्स का आज शिलान्यास हुआ है, उनसे सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की महिलाओं की आमदनी भी होगी, और गाँव के किसानों का भी बहुत बड़ा लाभ होगा। गाँव की महिलाएं अपनी फ़ैक्टरी में पुष्टाहार बनाने के लिए फसल-अनाज गाँव से ही तो खरीदने वाली हैं। यही तो सशक्तिकरण के वो प्रयास हैं उत्तर प्रदेश की महिलाओं ने, माताओं-बहनों-बेटियों ने ठान लिया है-अब वो पहले की सरकारों वाला दौर, वापस नहीं आने देंगी। डबल इंजन की सरकार ने यूपी की महिलाओं को जो सुरक्षा दी है, जो सम्मान दिया है, उनकी गरिमा बढ़ाई है, वो अभूतपूर्व है।

2.माताओं-बहनों-बेटियों का जीवन पीढ़ियों को प्रभावित करने वाला, पीढ़ियों का निर्माण करने वाला जीवन होता है। एक बेटी का सामर्थ्य, उसकी शिक्षा, उसका कौशल, सिर्फ परिवार ही नहीं समाज की, राष्ट्र की दिशा तय करती है। इसलिए, 2014 में जब हमने मां भारती के बड़े सपनों, बड़ी आकांक्षाओं को साकार करने का बीड़ा उठाया तो सबसे पहले देश की बेटी के विश्वास को नई ऊर्जा देने का प्रयास शुरू किया। इसलिए, हमने बेटी के जन्म से लेकर जीवन के चक्र में, हर अवस्था में महिलाओं को सशक्त करने के लिए योजनाएं बनाईं, अभियान चलाए।

3.बेटियां कोख में ही ना मारी जाएं, वो जन्म लें, इसके लिए हमने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से समाज की चेतना को जगाने का प्रयास किया। आज परिणाम ये है कि देश के अनेक राज्यों में बेटियों की संख्या में बहुत वृद्धि हुई है।

4.गर्भावस्था के दौरान गरीब परिवारों में मातृ स्वास्थ्य, चिंता का एक बहुत बड़ा कारण रहा है। इसलिए हमने गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, अस्पतालों में डिलिवरी और गर्भावस्था के दौरान पोषण पर विशेष ध्यान दिया। प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत गर्भावस्था के दौरान 5 हज़ार रुपए महिलाओं के बैंक खाते में जमा किए जाते हैं, ताकि वो उचित खान-पान का ध्यान रख सकें। अभी तक 2 करोड़ से ज्यादा बहनों को लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं।

5.बेटियां ठीक से पढ़ाई कर सकें, उनको स्कूल बीच में ना छोड़ना पड़े, इस पर भी हमने लगातार काम किया है।हमारी सरकार किसी भी काम में पीछे नहीं रही है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत लगभग ढाई करोड़ बच्चियों के अकाउंट खोले गए हैं। ये पैसा बड़े होने पर उनके सपनों को पूरा करे, इसके लिए इस पर ब्याज़ दर भी ऊंची रखी गई है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों शौचालय बनने से, उज्जवला योजना के तहत गरीब से गरीब बहनों को गैस कनेक्शन की सुविधा मिलने से, घर में ही नल से जल आने से, बहनों के जीवन में सुविधा भी आ रही है और उनकी गरिमा में भी वृद्धि हुई है।

6.आयुष्मान भारत योजना के तहत भी सबसे अधिक लाभ अगर किसी को हुआ है तो वो हमारी बहनें ही हैं। चाहे वो अस्पतालों में डिलिवरी हो या फिर दूसरा इलाज, पहले पैसे के अभाव में बहनों के जीवन पर संकट रहता था। अब 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने से उनकी ये चिंता दूर हो गई है। माताओं-बहनों, भारतीय समाज में हमेशा से माताओं-बहनों को सर्वोपरि दर्जा दिया गया है। लेकिन आज एक सच्चाई की तरफ भी मैं आपका, पूरे देश का ध्यान दिलाना चाहता हूं। हमारे यहां परंपरा से सदियों तक, दशकों तक ऐसी व्यवस्था रही कि घर और घर की हर संपत्ति को केवल पुरुषों का ही अधिकार समझा जाने लगा। घर है तो किसके नाम ? पुरुषों के नाम। खेत है तो किसके नाम ? पुरुषों के नाम। नौकरी, दुकान पर किसका हक ? पुरुषों का। आज हमारी सरकार की योजनाएं, इस असमानता को दूर कर रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जो घर दिये जा रहे हैं, वो प्राथमिकता के आधार पर महिलाओं के ही नाम से बन रहे हैं। अगर मैं यूपी की ही बात करूं तो यूपी में 30 लाख से अधिक घर पीएम आवास योजना के बनाए गए हैं। इनमें से करीब 25 लाख घरों की रजिस्ट्री में महिलाओं का भी नाम है। आप अंदाजा लगा सकते हैं। पहली बार यूपी में 25 लाख महिलाओं के नाम उनका घर हुआ है। जिन घरों में पीढ़ियों से किसी महिला के नाम पर कोई संपत्ति नहीं थी, आज वो पूरे के पूरे घर, किसी महिला के ही नाम हैं। यही तो होता है महिलाओं का सशक्तिकरण, सच्चा सशक्तिकरण, यही तो होता है विकास।

7.स्वामित्व योजना के तहत देश भर के गांवों में घरों को, जमीनों की ड्रोन से तस्वीरें लेकर, घर के मालिकों को प्रॉपर्टी के कागज दिए जा रहे हैं, घरौनी दी जा रही है। ये घरौनी देने में घर की महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। अगले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश के गांवों में योगी जी की सरकार, हर घर की मैपिंग कराकर ऐसे ही घरौनी देने का काम पूरा कर लेगी। फिर जो बने हुए घर हैं, उनके कागज में भी घर की महिलाओं का नाम होगा, घर की माताओं का नाम होगा।

8.रोजगार के लिए, परिवार की आमदनी बढ़ाने के लिए जो योजनाएँ देश चला रहा है, उसमें भी महिलाओं को बराबर का भागीदार बनाया जा रहा है। मुद्रा योजना आज गांव-गांव में, गरीब परिवारों से भी नई-नई महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रही है। इस योजना के तहत मिले कुल ऋण में से लगभग 70 प्रतिशत महिलाओं को दिए गए हैं। दीनदयाल अंत्योदय योजना के जरिए भी देश भर में महिलाओं को सेल्फ हेल्प ग्रुप्स और ग्रामीण संगठनों से जोड़ा जा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूह की बहनों को तो मैं आत्मनिर्भर भारत अभियान की चैपिंयन मानता हूं। ये स्वयं सहायता समूह, असल में राष्ट्र सहायता समूह हैं। इसलिए, राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 2014 से पहले के 5 वर्षों में जितनी मदद दी गई, बीते 7 साल में उसमें लगभग 13 गुणा बढ़ोतरी की गई है। हर सेल्फ हेल्प ग्रुप को पहले जहां 10 लाख रुपए तक का बिना गारंटी का ऋण मिलता था, अब ये सीमा भी दोगुनी यानि 20 लाख की गई है।

9.शहर हो या गांव, महिलाओं के लिए हमारी सरकार, हर छोटी-बड़ी मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है। कोरोना के इस काल में आपके घर का चूल्हा जलता रहे, इसके लिए मुफ्त राशन देने की व्यवस्था हमारी ही सरकार ने की। महिलाएं रात की पाली में भी काम कर सकें, इसके लिए नियमों को आसान बनाने का काम हमारी ही सरकार ने किया। खदानों में महिलाओं के काम करने पर जो कुछ बंदिश थी, वो हमारी ही सरकार ने हटाई है। देशभर के सैनिक स्कूलों के दरवाजे, लड़कियों के लिए खोल देने का काम हमारी ही सरकार ने किया है। रेप जैसे संगीन अपराधों की तेज़ सुनवाई के लिए हमारी सरकार देशभर में करीब 700 फास्ट ट्रैक कोर्ट्स स्थापित कर चुकी है। मुस्लिम बहनों को अत्याचारों से बचाने के लिए तीन तलाक के खिलाफ कानून हमारी ही सरकार ने बनाया।

10.बिना किसी भेदभाव, बिना किसी पक्षपात, डबल इंजन की सरकार, बेटियों के भविष्य को सशक्त करने के लिए निरंतर काम कर रही है। अभी कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने एक और फैसला किया है। पहले बेटों के लिए शादी की उम्र कानूनन 21 साल थी, लेकिन बेटियों के लिए ये उम्र 18 साल की ही थी। बेटियाँ भी चाहती थीं कि उन्हें उनकी पढ़ाई लिखाई के लिए, आगे बढ़ने के लिए समय मिले, बराबर अवसर मिलें। इसलिए, बेटियों के लिए शादी की उम्र को 21 साल करने का प्रयास किया जा रहा है। देश ये फैसला बेटियों के लिए कर रहा है, लेकिन किसको इससे तकलीफ हो रही है, ये सब देख रहे हैं !

11.5 साल पहले यूपी की सड़कों पर माफियाराज था! यूपी की सत्ता में गुंडों की हनक हुआ करती थी! इसका सबसे बड़ा भुक्तभोगी कौन था? मेरे यूपी की बहन-बेटियाँ थीं। उन्हें सड़क पर निकलना मुश्किल हुआ करता था। स्कूल, कॉलेज जाना मुश्किल होता था। आप कुछ कह नहीं सकती थीं, बोल नहीं सकती थीं। क्योंकि थाने गईं तो अपराधी, बलात्कारी की सिफ़ारिश में किसी का फोन आ जाता था। योगी जी ने इन गुंडों को उनकी सही जगह पहुंचाया है। आज यूपी में सुरक्षा भी है, यूपी में अधिकार भी हैं। आज यूपी में संभावनाएं भी हैं, आज यूपी में व्यापार भी है। मुझे पूरा विश्वास है, जब हमारी माताओं बहनों का आशीर्वाद है, इस नई यूपी को कोई वापस अंधेरे में नहीं धकेल सकता। भाईयों- बहनों आइये, प्रयागराज की पुण्य भूमि से ये संकल्प लें, हमारा यूपी आगे बढ़ेगा, हमारा यूपी नई ऊँचाइयाँ छूएगा। आप सभी माताओं बहनों को आपके आशीर्वाद के लिए, आपके समर्थन के लिए और यूपी को आगे बढ़ाने में आपकी सहभागिता के लिए मैं फिर से एक बार आपको आदरपूर्वक नमन करता हूँ, आपका हदृय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ। मेरे साथ बोलिए भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, बहुत बहुत धन्यवाद!