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Thursday, January 22, 2026
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हवा में फैंले जहर को कम करने के लिए PWD ने छिड़काव का सहारा

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दिवाली की रात जहाँ आसमान आतिशबाजी की रोशनी से जगमगा रहा था, वही दिवाली के अगले दिन यानी कि आज चारो ओर सिर्फ धुंध ही धुंध नजर आ रही है। माना जा रहा था कि प्रदूषण को देखते हुए इस बार दिवाली पर पटाखों में कमी देखी जाएगी, लेकिन ऎसा कुछ नहीं दिखा बल्कि सप्रीम कोर्ट के तय समय के बाद भी लोगों ने जमकर पटाखें छुडाये।  वही अब हवा में फैंले जहर को कम करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने छिड़काव का सहारा लिया है। आज सुबह आनंद विहार में पानी का छिड़काव किया गया। जिससे हवा में मिली डस्ट पानी के बाद जमीन पर आ जाए और दिल्ली निवासी हवा के जरिए सांस ले सकें।

हवा में फैंले जहर को कम करने के लिए PWD ने छिड़काव का सहारा

दिल्ली के लोधी रोड इलाके में आज सुबह का पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 500- 500 माइक्रो क्यूबिक रहा। वहींं, आनंद विहार का वायु गुणवत्ता सूचकाकं 999, अमेरिकन एमबेसी के पास के इलाके का 459 और मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम का वायु गुणवत्ता सूचकाकं 999 रहा। जो बेहद ही खतरनाक वायु गुणवत्ता सूचकाकं (एक्यूआई) है।

बता दें कि सीपीसीबी ने अधिकारियों से सिफारिश की है कि दीपावली के बाद दो दिन तक दिल्ली में भारी वाहनों के प्रवेश को रोक दिया जाए क्योंकि तब वायु गुणवत्ता के और खराब होकर बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंचने के आसार हैं। पर्यावरण मंत्रालय के अधीन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सदस्य सचिव प्रशांत गार्गव ने मंगलवार को परिवहन अधिकारियों के साथ बैठक की और आठ से 10 नवंबर तक दिल्ली में भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी की सिफारिश की।हवा में फैंले जहर को कम करने के लिए PWD ने छिड़काव का सहारादिल्ली की वायु गुणवत्ता मंगलवार को बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई जहां पराली जलाए जाने वाले क्षेत्रों से लगातार हवा बहकर इधर आ रही है। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए आगाह किया कि इस दिवाली पर पिछले साल की तुलना में कम प्रदूषणकारी पटाखे फोड़े जाने के बाद भी प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बढ़ सकता है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 394 के स्तर पर दर्ज किया गया जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। बोर्ड ने कहा कि सोमवार को एक्यूआई 434 के स्तर पर गंभीर श्रेणी में रिकार्ड किया गया था जो इस मौसम का अब तक का सर्वाधिक था।