
उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा-2026 के सुरक्षित और सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार ने ‘ग्रीन कार्ड प्रणाली’ की शुरुआत कर दी है। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित एआरटीओ कार्यालय में इस प्रणाली का औपचारिक उद्घाटन किया।
यात्रा को मिलेगी नई गति और सुगमता
मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि ग्रीन कार्ड प्रणाली लागू होने से चारधाम यात्रा को नई गति और ऊर्जा मिलेगी। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य में आने वाले हर श्रद्धालु को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा का अनुभव मिले।
फिटनेस टेस्ट के बाद ही मिलेगा ग्रीन कार्ड
नई व्यवस्था के तहत केवल उन्हीं व्यावसायिक वाहनों (बस, टैक्सी, मैक्स आदि) को ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा, जो कड़े तकनीकी मानकों पर खरे उतरेंगे। इसमें इंजन, ब्रेक, टायर, हेडलाइट, प्रदूषण स्तर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की विस्तृत जांच की जाएगी। ग्रीन कार्ड मिलने के बाद वाहनों को यात्रा मार्ग पर बार-बार की जांच से राहत मिलेगी, जिससे समय की बचत होगी और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।
सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
सरकार का कहना है कि इस प्रणाली के जरिए अनफिट और असुरक्षित वाहनों को यात्रा मार्ग से दूर रखा जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों के लिए विशेष काउंटर और ऑनलाइन पोर्टल की भी व्यवस्था की है, ताकि ग्रीन कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान हो सके।
चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है, और इस नई पहल को पर्यटन और तीर्थाटन क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के भरोसे को और मजबूत करेगा।













