नए साल की शुभकामनाओं की आड़ में साइबर ठगी, एक मिनट में 80 हजार रुपये उड़ाए

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नववर्ष की शुभकामनाओं का फायदा उठाकर साइबर ठग लगातार लोगों को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला महावीर एन्कलेव निवासी एम.आर. सुनील मौर्य के साथ सामने आया है, जिनके बैंक खाते से महज एक मिनट के भीतर 80 हजार रुपये की रकम गायब हो गई।

पीड़ित सुनील मौर्य ने बताया कि गुरुवार रात उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से नववर्ष की शुभकामनाओं से जुड़ा एक संदेश आया था, जो एक फाइल के रूप में था। जैसे ही उन्होंने फाइल खोली, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया और साइबर ठगों ने सीधे मोबाइल के जरिए बैंक खाते तक पहुंच बनाकर रकम निकाल ली।

घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत साइबर अपराध से संबंधित टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई और सिविल लाइंस थाने में भी तहरीर दी। पुलिस के अनुसार, फाइल ओपन करते ही मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारी ठगों के हाथ लग गई, जिसके बाद बिना ओटीपी के ही खाते से पैसे निकाल लिए गए।

पुलिस क्षेत्राधिकारी नरेंद्र पंत ने बताया कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं। कभी केवाईसी अपडेट के नाम पर, तो कभी जानी-पहचानी आवाज या बैंक अधिकारी बनकर लिंक और फाइल भेजी जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अज्ञात लिंक या फाइल को न खोलें और यदि कोई परिचित भी संदिग्ध फाइल भेजे तो पहले पुष्टि जरूर करें।

इसी तरह का एक और मामला रुड़की से सामने आया है, जहां फैक्ट्रीकर्मी शुभम कुमार से 39 हजार रुपये की ठगी की गई। ठग ने फोन कर खुद को बैंक अधिकारी बताया और क्रेडिट कार्ड ब्लॉक होने का झांसा देकर एक लिंक भेजा। लिंक खोलते ही उनके खाते से पैसे निकल गए।

पुलिस के अनुसार, करीब पांच दिन पहले आदर्शनगर में एक शिक्षक से भी क्रेडिट कार्ड एप डाउनलोड कराने के बहाने 1 लाख 30 हजार रुपये की ठगी की जा चुकी है।

पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है और लोगों से लगातार सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन लेन-देन के दौरान किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या फाइल से दूरी बनाए रखें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है।