प्रशांत महासागर में गिरा चीन का बेकाबू स्पेस लैब, इस वजह से किया गया था लॉन्च

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नई दिल्ली। चीन का बेकाबू स्पेस स्टेशन तियानगोंग-1 सोमवार को क्रैश हो गया। स्पेस स्टेशन टूटकर दक्षिण प्रशांत महासागर में गिर गया। हालांकि इससे किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। चीन के स्पेस इंजीनियरिंग ऑफिस के मुताबिक 8 टन वजनी तियानगोंग-1 का ज्यादातर हिस्सा समुद्र में गिरने से पहले ही जल गया था। स्पेस स्टेशन के धरती के वायुमंडल में आने से किसी नुकसान की खबर नहीं है। वैज्ञानिकों ने भी स्पेस स्टेशन के धरती पर आने से किसी भी नुकसान की आशंका से इनकार किया था।

गिरने की जगह बताना संभव नहीं
वैज्ञानिकों ने कहा था कि तियानगोंग-1 के गिरने की सही जगह बता पाना मुश्किल है। चीन की स्पेस एजेंसी का अनुमान था कि तियानगोंग साओ पाउलो (ब्राजील) के पास गिरेगा। यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने बताया था कि तियानगोंग के ऊपर टूट सकता है।

चीन ने 10.4 मीटर लंबा यह स्पेसक्राफ्ट साल 2011 में लॉन्च किया था। चीन की स्पेस एजेंसी चाइना नैशनल स्पेस ऐडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक Tiangong-1 से मार्च 2016 से संपर्क टूट चुका था। जिसके बाद से यह अंतरिक्ष में घूम रहा था।

 

2016 में ही स्पेस खो चुका था नियंत्रण 

बता दें कि साढ़े आठ टन वजन वाला यह स्पेस स्टेशन साल 2016 में ही अपना नियंत्रण खो चुका था और तब से ही यह धरती की तरफ गिर रहा है। वैज्ञानिकों ने पहले ही अनुमान लगाया था कि इस स्पेसक्राफ्ट का अधिकतर हिस्सा गिरते समय जलकर खाक हो जाएगा लेकिन 10 से 40 प्रतिशत हिस्सा मलबे के रूप में बचा रह सकता है और इसमें खतरनाक केमिकल्स हो सकते हैं।