
भारतीय रेलवे ने ट्रेन टिकट रिफंड नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए कैंसिलेशन चार्ज को और सख्त कर दिया है। नए नियम अगले महीने से लागू होंगे, जिससे खासकर आखिरी समय पर टिकट रद्द कराने वाले यात्रियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
रेलवे बोर्ड के अनुसार अब टिकट कैंसिलेशन का समय सीधे आपकी जेब पर असर डालेगा। नए नियमों के तहत अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 24 से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराता है, तो उससे 25 फीसदी राशि काट ली जाएगी। पहले यह नियम 24 से 48 घंटे के बीच लागू होता था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है।
इतना ही नहीं, अगर कोई यात्री 8 से 24 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करता है, तो उसे 50 फीसदी रकम गंवानी पड़ेगी। वहीं, सबसे बड़ा झटका उन यात्रियों को लगा है जो आखिरी समय पर टिकट रद्द करते हैं—अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल कराने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
क्लास के हिसाब से तय चार्ज
रेलवे ने अलग-अलग श्रेणियों के लिए फिक्स कैंसिलेशन चार्ज भी तय किए हैं।
- फर्स्ट एसी: ₹240 प्रति यात्री
- एसी 2 टियर: ₹200
- एसी 3 टियर / चेयर कार: ₹180
- स्लीपर क्लास: ₹120
- सेकेंड क्लास: ₹60
ये चार्ज तब लागू होंगे जब टिकट ट्रेन छूटने से 72 घंटे पहले कैंसिल कराया जाएगा।
बुकिंग सिस्टम में भी बदलाव
रेलवे ने टिकट बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पहले ही बड़ा कदम उठाया है। अब IRCTC Rail Connect ऐप और वेबसाइट के जरिए टिकट बुक करते समय पहले 15 मिनट में आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मकसद फर्जी बुकिंग पर रोक लगाना है।
क्या मतलब है इस बदलाव का?
रेलवे के इस फैसले से साफ है कि अब लास्ट-मिनट कैंसिलेशन पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से तय करनी होगी, वरना भारी कटौती झेलनी पड़ सकती है।
कुल मिलाकर, अब टिकट कैंसिल करना पहले जितना आसान और सस्ता नहीं रहा—थोड़ी सी लापरवाही आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है।













