
देश की विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने अपनी मांगों को लेकर 12 फरवरी को ‘भारत बंद’ और देशव्यापी औद्योगिक हड़ताल का आह्वान किया है। इस बंद में बैंकिंग, परिवहन और सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े कई संगठन शामिल होने जा रहे हैं। ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि मौजूदा सरकारी नीतियां श्रमिकों और किसानों के हितों के खिलाफ हैं। बंद को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और कई शहरों में ट्रैफिक को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है।
क्यों किया जा रहा है भारत बंद
ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों का कहना है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। कर्मचारियों की प्रमुख मांग पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर है। इसके साथ ही न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 26 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी उठाई जा रही है। यूनियनें रेलवे, बिजली और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का विरोध कर रही हैं। वहीं किसानों की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी देने और लखीमपुर खीरी मामले में दोषियों को सजा दिलाने की मांग को भी बंद का हिस्सा बनाया गया है।
आम जनता पर क्या पड़ेगा असर
भारत बंद के कारण कुछ जरूरी सेवाओं पर असर पड़ सकता है। सरकारी बैंकों में कामकाज आंशिक रूप से प्रभावित रहने की संभावना है, जिससे नकद लेनदेन और चेक क्लियरिंग में देरी हो सकती है। रोडवेज बसों, ऑटो और टैक्सी सेवाओं पर भी असर दिख सकता है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो सकती है। कई सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कामकाज धीमा रह सकता है। हालांकि बाजार और दुकानें खुले रहने की संभावना है, क्योंकि व्यापार संगठनों ने बंद का समर्थन नहीं किया है। अस्पताल, एंबुलेंस, दवा की दुकानें और अन्य आवश्यक सेवाएं बंद से बाहर रहेंगी।
परिवहन और रेलवे पर विशेष नजर
परिवहन यूनियनों के बंद में शामिल होने से कुछ राज्यों में चक्का जाम की स्थिति बन सकती है। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है। रेलवे सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं होंगी, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने गेट मीटिंग और विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है, जिससे कुछ ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ सकता है।
प्रशासन अलर्ट मोड में
भारत बंद को देखते हुए दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ समेत कई बड़े शहरों में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों और सरकारी भवनों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। कई जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटा जा सके।













