बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले जारी, 24 घंटे में दो हिंदू पुरुषों की नृशंस हत्या

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बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटों के भीतर देश के अलग-अलग जिलों में दो हिंदू पुरुषों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इन घटनाओं ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नरसिंगदी में किराना दुकानदार की धारदार हथियारों से हत्या

ताजा मामला नरसिंगदी जिले से सामने आया है। सोमवार रात करीब 10 बजे 40 वर्षीय हिंदू किराना दुकानदार शरत मणि चक्रवर्ती पर अज्ञात हमलावरों ने उनकी दुकान पर ही हमला कर दिया। हमलावरों ने धारदार हथियारों से उन पर कई वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चोटें अत्यधिक गहरी होने के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

जेसोर में पत्रकार व व्यवसायी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या

नरसिंगदी की घटना से कुछ घंटे पहले ही जेसोर जिले के कोपालिया बाजार में एक और सनसनीखेज हत्या हुई। 45 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी, जो एक व्यवसायी होने के साथ-साथ स्थानीय अखबार ‘दैनिक बीडी खबर’ के कार्यकारी संपादक भी थे, की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरसाइकिल पर आए तीन नकाबपोश हमलावरों ने राणा प्रताप को उनकी आइस फैक्ट्री से बाहर बुलाया और एक संकरी गली में ले जाकर उनके सिर में तीन गोलियां मार दीं। इतना ही नहीं, हमलावरों ने गोली मारने के बाद उनका गला भी रेत दिया और मौके से फरार हो गए।

दिसंबर से लगातार बढ़ रही हिंदुओं के खिलाफ हिंसा

दिसंबर के आखिरी सप्ताह से बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में तेज़ बढ़ोतरी देखी गई है—

  • खोकन चंद्र दास: 31 दिसंबर को शरियतपुर में एक हिंदू व्यवसायी को भीड़ ने आग लगा दी, जिनकी 3 जनवरी को मौत हो गई।
  • बजेंद्र विश्वास: 29 दिसंबर को मैमनसिंह में एक हिंदू फैक्ट्री कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
  • महिलाओं के खिलाफ अपराध: झिनाइदह जिले में एक हिंदू विधवा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसे पेड़ से बांधकर प्रताड़ित करने का मामला भी सामने आया, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया।

भारत सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों के खिलाफ जारी हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने इसे “अविरल शत्रुता” करार देते हुए यूनुस सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि कट्टरपंथी तत्वों के बढ़ते प्रभाव और प्रशासन की ढिलाई के कारण बांग्लादेश में हिंदू समुदाय भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।